
मैहतपुर (ऊना)। जिले के सरहदी क्षेत्र मैहतपुर को कौन उपतहसील का दर्जा दिलाएगा? यह सवाल पिछले कई सालों से लोग पूछ रहे हैं, लेकिन आज तक सियासी दल के नेता ने इस सवाल का जवाब नहीं ढूंढ सके हैं। विधानसभा चुनाव में भी यह सवाल उछलता रहा है और अब लोकसभा चुनाव में भी यह सवाल गूंज रहा है। 14 साल पूर्व जनसभा में पूर्व सीएम प्रो. धूमल ने मैहतपुर को उपतहसील का दर्जा देने का इलाके के लोगों से वादा किया था, लेकिन यह वादा आज तक वफा नहीं हो पाया है। सूबे में अब कांग्रेस की सरकार है, ऐसे में लोगों की उम्मीदें मौजूदा सरकार पर टिकी हुई हैं। लोगों का कहना है कि राजस्व संबंधी छोटे काम के लिए भी मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ती है। इससे लोग परेशान रहते हैं।
मैहतपुर को अगर सरकार उपतहसील का दर्जा देती है तो इससे नगर पंचायत मैहतपुर-बसदेहड़ा के साथ-साथ ग्राम पंचायत रायपुर सहोड़ां, चढ़तगढ़, बडैहर, उदयपुर, लमलेहड़ा, नंगड़ा, देहलां, जखेड़ा, मोरबड़, भटोली, बनगढ़, अजौली, बीनेबाल, सनोली, मजारा, मलूकपुर, समेत कई अन्य पंचायतों को लाभ होगा।
—
मामला उठाएंगे : सत्ती
ऊना सदर के मौजूदा विधायक एवं प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती ने कहा कि चूंकि चुनाव आचार संहिता के चलते इस विषय पर कोई वायदा तो नहीं करना चाहते, लेकिन अगर उपरोक्त पंचायतों के लिखित प्रस्ताव उनके पास आते हैं, तो वह इस इस मसले को अवश्य उठाएंगे।
—
अवश्य गौर करेंगे : राणा
कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र राणा ने सवाल उठाया कि भाजपा के पूर्व सीएम ने अगर मैहतपुर को उपतहसील का दर्जा देने का वायदा किया था तो उसे पूरा क्यों नहीं किया? उन्होंने कहा कि कांग्रेस की यह संस्कृति नहीं और इस विषय पर अवश्य गौर करेंगे।
