
रोहड़ू। शारीरिक रूप से अक्षम बच्चों के लिए रोहड़ू में चल रहा स्कूल बंद हो गया है। स्कूल बंद होने से करीब दो दर्जन अक्षम बच्चों के भविष्य को लेकर अभिभावक परेशान हैं। स्कूल का संचालन एक समाजसेवी संस्था कर रही थी।
शिमला की उड़ान संस्था की ओर से रोहडू में अस्तित्व के नाम से अक्षम बच्चों के लिए दस साल पहले स्कूल शुरू किया गया था। यहां बच्चों के मानसिक विकास को देख अक्षम बच्चों के अभिभावक खुश थे। तीस अप्रैल को प्रबंधन की ओर से रोहडू में चल रहे स्कूल को बंद करने के आदेश मिले हैं। ओदश संस्था के प्रबंधक की ओर से दिए गए हैं। स्कूल में करीब दो दर्जन अक्षम बच्चों को शिक्षा के साथ मानसिक विकास की शिक्षा दी जाती है। स्कूल बंद होने की सूचना के बाद उन्होंने संचालन में सहयोग के लिए एसडीएम रोहड़ू से भी मुलाकात की है। अभिभावकों का कहना है कि शारीरिक रूप से अक्षम बच्चों को शिक्षा के लिए कहीं दूसरे स्थान पर भेजना संभव नहीं है। एसडीएम वाईपीएस वर्मा ने अभिभावकों को स्कूल संचालन में सहयोग के लिए उच्च अधिकारियों के साथ विचार विर्मश करने का आश्वासन दिया है।
क्या कहना है संस्था
उड़ान संस्थान के प्रभारी आरएस राणा ने तर्क दिया है कि आर्थिक संकट के कारण स्कूल बंद करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल को निजी भवन में चलाया जा रहा है। भवन का किराया और शिक्षकों का वेतन छात्रों की फीस से पूरा नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा डीसी शिमला को इस मामले में सूचित किया गया था, वहां से कोई सहयोग नहीं मिला। उन्होंने कहा कि यदि अभिभावक चंदा जुटा कर स्कूल चलाना चाहते तो संस्था पूर्ण सहयोग के लिए तैयार है।
