ठग नेता का हवालात पहुँचते ही बिगड़ा मिज़ाज़

शिमला

Cheating case accused Gopal Dass admitted at IGMC

कर्मचारी नेता गोपाल दास वर्मा का ब्लड प्रेशर और शुगर बढ़ गया है। इन्हें उपचार के लिए आईजीएमसी में दाखिल करवाया गया है। इससे पहले कि छोटा शिमला थाने में पुलिस आरोपी नेता से पूछताछ शुरू करती गोपाल ने तबीयत खराब बताई।

अब पुलिस की निगरानी में गोपाल दास का आईजीएमसी में उपचार चल रहा है। डाक्टर से फिटनेस सर्टिफिकेट मिलने के बाद ही पूछताछ हो पाएगी। गोपालदास वर्मा पर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी करने का आरोप है। अमृतसर से शिमला पुलिस गिरफ्तार करके रविवार को लाई थी।

प्रदेश सर्व कर्मचारी पेंशनर श्रमिक युवा बेरोजगार संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष गोपाल दास वर्मा ने पुलिस में केस दर्ज होने के बाद बिलासपुर में प्रेस कांफ्रेंस में आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और पुलिस के एक अफसर के कहने पर उसे झूठे केस में फंसाया गया है।

नेताजी पर लगा है लाखों की ठगी का आरोप

बेरोजगार युवक शनान निवासी गोपाल शर्मा और रेणुका निवासी गुमान सिंह ने 13 मार्च को थाना छोटा शिमला में लाखों की ठगी का मामला दर्ज कराया।

गोपाल शर्मा का आरोप है कि गोपाल दास वर्मा ने फोरेस्ट गार्ड लगाने की एवज में उससे 2 लाख 18 हजार रुपये लिए, जबकि गुमान का आरोप है कि क्लर्क लगाने के लिए उससे एक लाख लिए।

कई उदाहरण हैं ऐसे

अमूमन ऐसे कई उदाहरण हैं, जब अफसरों और नेताओं से पुलिस थाने में पूछताछ करती है तो उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं होता और वे अस्पताल में दाखिल हो जाते हैं। क्या यह पुलिस से बचने का तरीका है?

जानकारों का मानना है कि इस दौरान आरोपी की यह सोच रहती है कि अदालत से उसे अग्रिम जमानत मिल जाए तो वह पूछताछ से बच सकता है।

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