कुल्लू अस्पताल में एनेस्थीसिया स्पेशलिस्ट नहीं

कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में हालांकि सभी रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध हैं, लेकिन लंबे समय से एनेस्थीसिया स्पेशलिस्ट का पद खाली पड़ा है। इसके चलते यहां उपचार करवाने के लिए आने वाले मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल प्रशासन को एनेस्थीसिया स्पेशलिस्ट को बाहर से हायर करना पड़ता है। अस्पताल में मरीजों की संख्या को देखते हुए एक शिशु रोग विशेषज्ञ और एक मेडिसिन विशेषज्ञ की आवश्यकता है।
हालांकि, विशेषज्ञों की कमी दूर होने से मरीजों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जरूर जगी है। अस्पताल में करीब सभी रोगों के विशेषज्ञ मौजूद हैं। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में इन दिनों करीब 13 विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद हैं। इसके अलावा अस्पताल में आठ जीडीओ भी मरीजों को सेवाएं दे रहे हैं। दो सौ बिस्तर के क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में करीब दो दर्जन चिकित्सक हैं। क्षेत्रीय अस्पताल में लंबे समय से शिशु विशेषज्ञ का पद खाली चल रहा है, लेकिन कुछ दिन पहले अस्पताल को शिशु विशेषज्ञ भी मिल गया है। अस्पताल में एक आई विशेषज्ञ, एक ईएनटी विशेषज्ञ, दो शल्य चिकित्सक, दो हड्डी रोग विशेषज्ञ, दो स्त्री रोग विशेषज्ञ, एक मेडिसन विशेषज्ञ, दो रेडियोलॉजिस्ट, एक माइक्रोबायोलॉजिस्ट और एक शिशु रोग विशेषज्ञ समेत करीब तेरह विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे हैं। अस्पताल की ओपीडी में हर रोज करीब 550 से 600 रोगी आते हैं। इसके अलावा क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू की क्षमता दो सौ बिस्तरों की है। उधर, जिला चिकित्सा अधिकारी सुशील चंद्र ने बताया कि अस्पताल में सभी रोगों के विशेषज्ञ मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर उपचार देने का प्रयास किया जाता है।
उन्होंने बताया कि एनेस्थीसिया स्पेशलिस्ट के बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।

Related posts