
हमीरपुर। महाविद्यालयों में पढ़ा रहे पीटीए शिक्षकों को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कुछेक महाविद्यालयों से पीटीए शिक्षकों को हटा दिया है तथा कुछेक में अल्टीमेटम दे दिया है। हफ्ते या फिर 10 दिन के अंदर पीटीए शिक्षकों को नौकरी छोड़ने के लिए कह दिया गया है।
शिक्षा विभाग की ओर से महाविद्यालय मुखियाओं को निर्देश हुए हैं। हमीरपुर के एक कॉलेज से छह, दूसरे से दो पीटीए शिक्षकों को हटा दिया है। एक अन्य कॉलेज से दो पीटीए शिक्षकों को अल्टीमेटम दिया है। पीटीए शिक्षकों के हटने से रूसा प्रणाली भी प्रभावित होगी। अभी फरवरी में ही सेमेस्टर आरंभ हुआ है। मई में सेमेस्टेर परीक्षाएं होंगी। कई महाविद्यालय ऐसे हैं जहां शिक्षकों की भारी कमी है। ऐसे में पीटीए शिक्षक उक्त विषयों को पढ़ा रहे थे। उनके हट जाने से पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ेगा। रूसा के तहत प्रत्येक किसी भी विषय में 60 फीसदी लेक्चर होना अनिवार्य है।
जानकारी के अनुसार अभी तक तो 25 फीसदी लेक्चर ही पूरे हो पाए हैं। एक माह में सिलेबस भी पूरा नहीं हो पाएगा। विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो सकती है। रूसा को इसलिए लागू किया गया था कि शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर किया जा सके।
शिक्षकों की कमी और ऊपर से पीटीए शिक्षकों को हटाने की मुहिम से गुणवत्ता पर असर पड़ेगा।
पीटीए के तहत पढ़ा रहे शिक्षकों को अब बिना शिक्षा निदेशक की अनुमति के नियुक्ति नहीं मिलेगी। यह आदेश शिक्षा विभाग की ओर से जारी हुए हैं।
-पीसी पटियाल, प्राचार्य, हमीरपुर कॉलेज
