
गगरेट (ऊना)। अपनी बहन की शादी के लिए बैंक में पैसे जमा करवाने गए प्रवासी मजदूर को गगरेट में शातिरों ने लूट लिया। शनिवार को शातिर इस मजदूर को बैंक के भीतर से बाहर ले गए और बाहर ले जाकर उसे अपना शिकार बना लिया। दरअसल इस मजदूर को कैश डिपोजिट फार्म भरना नहीं आता था। शातिरों ने मदद की पेशकश की और मजदूर उनके झांसे में आ गया। शातिरों ने मजदूर को एक रुमाल में कुछ बांधकर थमाते हुए कहा कि आप हमारा कैश संभालो और हम आपके खाते में आपके पैसे जमा करवाते हैं। जब शातिर देर तक न लौटे तो मजदूर ने रुमाल खोलकर देखा। उसके होश उड़ हो गए। तब उसे अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ। लोगों ने भी शातिरों को ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन सफलता न मिल सकी।
जानकारी के अनुसार परस राम पुत्र भरत यादव निवासी जिला मोतीहारी, बिहार गगरेट में मजदूरी करता है। परस राम ने बताया कि कुछ दिन बाद उसकी बहन की शादी है। वह शादी के लिए 30 हजार रुपये गगरेट बैंक में जमा करवाने गया था। आंखों में आंसू लिए यह मजदूर अपनी किस्मत को कोस रहा था। मजदूर ने कहा कि उसे फार्म भरना नहीं आता था। इसी बात का फायदा उठाकर शातिरों ने उसे शिकार बनाया। बैंक के भीतर शातिरों ने उससे बातचीत करते हुए मदद की पेशकश की और बाद में उसे बैंक से बाहर ले गए। कुछ देर बाद शातिरों ने उसे एक रुमाल थमाते हुए कहा कि आप हमारा कैश संभालो, हम आपके खाते में आपके पैसे जमा कराते हैं। जब देर तक शातिर न लौटे तो परस राम ने रुमाल खोलकर देखा और उसमें कागज के टुकड़े पाए गए। परस राम ने कहा कि उससे ठगी करने वाले चार लोग थे और हिंदी में बात कर रहे थे। उधर, डीएसपी अंब सागर चंद्र ने बताया कि मामले की पुलिस को सूचना मिली है। मामले की तहकीकात की जा रही है।
सीसीटीवी फुटेज कर सकती है मदद
यदि परसराम को शातिर बैंक के भीतर से बाहर ले गए तो बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में शातिर नजर आ सकते हैं। बैंक के मेन दरवाजे से अंदर जाते हुए तथा बाहर निकलते हुए भी शातिर कैमरों में कैद हुए होंगे।
पूछताछ काउंटर की मदद लें ग्राहक
अंब से स्टेट बैंक आफ पटियाला के मैनेजर श्याम शर्मा ने कहा कि बैंकों में पूछताछ काउंटर पर भी बैंक के कर्मचारी बैठे होते हैं। यदि किसी को कोई फार्म भरना नहीं आता है तो वे उन बैंक कर्मियों की भी मदद ले सकते हैं। बैंक में घुसे किसी भी व्यक्ति से फार्म आदि भरवाने के लिए किसी तरह की मदद का कोई औचित्य ही नहीं बनता।
