
शिमला प्रदेश में जलवायु परिवर्तन से निपटने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए जर्मन डेवलपमेंट कारपोरेशन से वित्तीय मदद ली जा रही है। जर्मन की एक टीम आजकल राज्य के दौरे पर है। पिछले दो दिन से टीम के सदस्य वन विभाग के अफसरों से बातचीत की है। वीरवार से टीम फील्ड का भ्रमण करेगी। आखिरी दौर में जर्मन टीम की सचिवालय में शासन के अफसरों से वार्ता होगी।
वन विभाग की ओर से ‘हिमाचल प्रदेश ईको सिस्टम एंड क्लाइमेंट चेंज प्रूफिंग प्रोजेक्ट’ बनाया गया है। इसके तहत जर्मन डेवलपमेंट कारपोरेशन की ओर से लगभग सवा दो सौ करोड़ वित्तीय मदद दी जानी है। इसे प्रदेश कैसे खर्च करेगा। यह जानने को एक अप्रैल से टीम हिमाचल दौरे पर है। मंगलवार और बुधवार को टीम ने शिमला स्थित वन मुख्यालय में जंगलात महकमे की ओर से प्रस्ताव का अध्ययन किया। महकमे की ओर से बनाए गए प्रस्ताव को जमीन पर कैसे उतारा जाएगा। यह जानने को वीरवार से टीम मंडी, सुंदरनगर, पालमपुर, धर्मशाला, चंबा, कांगड़ा सहित अन्य स्थानों का भ्रमण करेगी। सूबे के पीसीसीएफ आरके गुप्ता ने बताया कि पहले राउंड की वार्ता हो चुकी है। फील्ड भ्रमण के बाद सचिवालय में प्रधान सचिव स्तर टीम द्वारा वार्ता की जाएगी।
