निजी वाहनों में सफर को मजबूर

अंब (ऊना)। अंब के ऊपरी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को आने जाने के लिए पर्याप्त यातायात सुविधा न होने के कारण उन्हें काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। अभी तक इस क्षेत्र में निजी बस ऑपरेटर ही बस चला रहे हैं। सरकारी बस सेवा आरंभ नहीं होने के कारण लोगों में निगम के प्रति खासा रोष है। लोगों का कहना है कि निजी बस ऑपरेटर मनमानी करते हुए कई बार बसें चलाते भी नहीं हैं। समय सारणी का तो इन गांवों के रूटों पर कोई पालन होता ही नहीं। उन्हें कई बार इन रूटों पर घंटों तक बसों का इंतजार करना पड़ता है। मौजूदा समय में करीब चार हजार आबादी सरकारी बस सेवा के लाभ से वंचित है।
क्षेत्रवासी रमन जसवाल, अनिवेश कुमार, महेंद्र सिंह, सोहन कुमार, प्रेमलता, विनिता, शशिकला, रोहन सिंह, जगदीप कुमार और देवेंद्र ठाकुर आदि ने बताया कि निजी बस ऑपरेटर अपनी मनमर्जी से बसें चलाते हैं। अगर कभी कोई जरूरत हो या किसी को अचानक कहीं जाना पड़े तो मजबूरन उसे टैक्सी से जाना पड़ता है। ऐसे में उन्हें कई गुणा किराया देना पड़ता है। क्षेत्र में आए दिन क्षेत्रीय विधायक का दौरा होता रहता है, लेकिन आज तक क्षेत्रवासियों की इस समस्या का समाधान नहीं हुआ। एचआरटीसी की बसें न चलने स्कूली बच्चों को भी परेशानी हो रही है। अंब उपमंडल के रपोह मिसरा, चक सराय, जोल, त्याई, अप्पर टकारला, सपोरी, कवाड़छन, तयार, डंगोह समेत कई गांवों के लोग परेशान हैं।
चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के विधायक कुलदीप कुमार का कहना है कि लोगों की शिकायत उनके पास भी आई है। जल्द ही प्रशासन से बैठक कर इन क्षेत्रों में बसों की व्यवस्था करवाई जाएगी। पूर्व विधायक बलवीर चौधरी ने कहा कि भाजपा के शासन काल में बसें समय पर आती जाती थी। कांग्रेस की सरकार बनने के बाद लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

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