नहीं करेंगे पेपरों की चेकिंग

ऊना ( विवेक  त्रिपाठी) डीएवी वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में बनाए गए टेबल मार्किंग सेंटर में स्कूल प्रवक्ताओं ने पेपरों की चेकिंग का बहिष्कार कर दिया है। शिक्षक संघों ने आरोप लगाया कि शिक्षा बोर्ड की ओर से उनकी मांगों की अनदेखी की गई है। स्कूल प्रवक्ता संघ के जिला अध्यक्ष कमल किशोर शर्मा और प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेंद्र कौंडल ने बताया कि स्कूल प्रवक्ताआें ने परीक्षा मूल्यांकन भत्ता बढ़ाने की मांग उठाई थी। पिछले 6 साल से प्रति पेपर मूल्यांकन भत्ता 6 रुपये ही चल रहा है। उन्होंने इस भत्ते को 15 रुपये किए जाने की मांग बोर्ड अधिकारियों के समक्ष रखी थी। जिसके चलते बैठक में यह फैसला हुआ कि इस भत्ते को 12 रुपये तक बढ़ाया जाएगा। बावजूद इसके इसमें 50 पैसे की दर से बढ़ोतरी कर प्रवक्ताओं के साथ मजाक किया गया है।
संघ ने रोष जताया कि परीक्षाओं में नियुक्त किए गए परीक्षा केंद्र अधीक्षकों को भी बिना कारण बताए पद से मुक्त कर दिया गया। इस संबंध में कोई लिखित सूचना देने की बजाय उन्हें टेलीफोन से ही सूचित किया गया। अब जब तक प्रवक्ताओं की मांगों को पूरा नहीं किया जाता है, तब तक पेपरों की चेकिंग का बहिष्कार जारी रहेगा। इस मौके पर अनिल ठाकुर, सुभाष अरोड़ा, सुनील मेहता, राजीव हांडा, एनपी सिंह, सतीश कुमार, हरजीत चंदेल, कुलदीप कुमार, अंकुश कुमारी, आशा रानी, वीना, राज कुमारी, नीलम शांडिल, परमजीत, अनुराधा, राजरानी, अजय कुमार और राम स्वरूप भी मौजूद रहे।
वहीं राजकीय कन्या स्कूल के टीजीटी वर्ग के शिक्षकों ने भी पेपरों को चैक करने से मना कर दिया है। हिमाचल प्रदेश राजकीय अध्यापक यूनियन के अध्यक्ष कपिल पाबला, महासचिव आेंकार दास, नरेश धीमान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल कुमार, मुख्य संरक्षक मनोहर लाल शर्मा ने कहा कि फरवरी 2014 में बोर्ड अधिकारियों के साथ हुई बैठक के फैसलों को धोखे से लागू किया गया है। इस मामले में 28 मार्च 2014 को भी बोर्ड अधिकारियों को ज्ञापन पत्र सौंपा गया था, लेकिन उस पर कोई अमल नहीं किया गया है।

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