
कुल्लू सदर विस क्षेत्र के जरी में हुई चुनावी जनसभा के दौरान वीरभद्र सिंह की पुरानी यादें ताजा हो गईं। 21 मई 1969 में वीरभद्र सिंह की जनसभा पर पत्थर बरसे थे। इस दौरान मणिकर्ण घाटी भाजपा का गढ़ हुआ करती थी। कुल्लू क्षेत्र का महासू लोकसभा क्षेत्र में शामिल था। वीरभद्र सिंह महासू क्षेत्र से 1962 में सांसद चुने गए थे और 1969 में वह दोबारा चुनाव मैदान में थे। इसका खुलासा 29 मार्च 2014 को जरी की जनसभा के दौरान जिप सदस्य ओम प्रकाश शर्मा ने किया। इसके बाद वीरभद्र सिंह ने भी इस संबंध में स्थिति स्पष्ट की। वीरभद्र सिंह ने बताया कि वह 1962 में महासू से चुनाव जीते थे। इसके बाद 1969 में कुल्लू क्षेत्र महासू लोकसभा क्षेत्र का अंग था और मनाली क्षेत्र कांगड़ा लोकसभा क्षेत्र का अंग था। 1969 में वह जरी में चुनावी जनसभा कर रहे थे। सब कुछ बिल्कुल ठीक-ठीक चल रहा था। इसके बाद सभा में लाल चंद प्रार्थी ने जोशीला भाषण दिया। भाषण के दौरान उन्होंने कुछ ऐसा कहा जिसने आग में घी का काम किया और उसी समय सभा पर पत्थर बरसने लग गए। उसी समय एक पत्थर एक बजंतरी को भी लगा। वीरभद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने 1962 के चुनाव के दौरान 1372 किलोमीटर का पैदल सफर कर भी प्रचार किया है। अब तो कांग्रेस ने प्रदेश में सड़कों का जाल बिछा दिया है।
