मिल्क चिलिंग प्लांट शिफ्ट करने पर भड़के

कोटखाई (शिमला)। कोटखाई क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने मिल्क चिलिंग सेंटर को गुम्मा से कुमारसैन स्थानांतरित करने पर कड़ा रोष व्यक्त किया है। यहां जारी बयान में कलबोग पंचायत के प्रधान कंवर डोगरा, रतनाडी पंचायत प्रधान ज्ञान ठाकुर, बागी पंचायत उपप्रधान मदन बिंटा, नगान पंचायत प्रधान मंजुला, गुम्मा पंचायत प्रधान सुनील चौहान, बखोला पंचायत प्रधान निशा चौहान, महासू पंचायत प्रधान सुनीता, प्रेमनगर पंचायत प्रधान रंजना, पांदली पंचायत प्रधान संतोष, बाग डुमैहर पंचायत प्रधान मोहन चौहान, ग्रावग पंचायत प्रधान महेंद्र, दरकोटी पंचायत प्रधान सुरेंद्र, शीली पंचायत प्रधान राकेश डोगरा, पराली पंचायत प्रधान योगिता, क्यारी पंचायत प्रधान द्रोपती, उपप्रधान राकेश मेहता, बडैंऊ पंचायत उपप्रधान प्रभु दयाल, पुड़ग पंचायत प्रधान बिटु कपरेट, हिमरी पंचायत प्रधान राजीव मेहता, रामनगर पंचायत प्रधान अंबा दत्त शास्त्री, रावलाक्यार पंचायत प्रधान गुलाब सिंह, पंचायत समिति सदस्य लायक राम चौहान, रेखा चौहान, मेघ राज, नगर पंचायत वार्ड सदस्य रिंकू व राम प्रकाश गुप्ता ने कहा कि मिल्क चिलिंग सेंटर में स्थापित की गई मशीनों की कीमत दो करोड़ रुपये है। मिल्क चिलिंग सेंटर का उद्घाटन तत्कालीन बागवानी मंत्री नरेंद्र बरागटा ने किया था, लेकिन कांग्रेस सरकार ने इसे अभी तक नहीं चलाया। अब गुम्मा से मिल्क सेंटर को कुमारसैन शिफ्ट करने का षड्यंत्र किया जा रहा है, जिसका कोटखाई क्षेत्र के जनप्रतिनिधि विरोध करते हैं। 31 मार्च को गुम्मा में सभी जनप्रतिनिधियों की एक बैठक बुलाई गई है। इसमें आगामी रणनीति बनाकर मिल्क चिलिंग सेंटर को शिफ्ट करने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार भेदभाव की राजनीति कर रही है। सरकार ने पहले स्कैब लैब, कुफ्टू फार्म व कोटखाई अस्पताल में सिटी स्कैन मशीन स्थानांतरित की। अब मिल्क चिलिंग प्लांट को शिफ्ट किया जा रहा है।

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