
मैहतपुर (ऊना)। काम न करने वाले उद्योगाें के प्लाट आवंटन रद किए जाने को लेकर काबिना मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने विस में ऐसे उद्योगपतियों को काम आरंभ करने को लेकर एक अंतिम मौका दिए जाने की बात कही है। इसका मजदूर संगठनों के प्रतिनिधियों ने कड़ा विरोध किया है।
जिला ऊना में ऐसे उद्योगपतियों पर विभाग ने शिकंजा कसते हुए सात दर्जन से ज्यादा उद्योगाें को नोटिस भी थमाए थे। जिनका असर यह हुआ कि आज तक कोई काम धंधा न करने वाले उद्यमियों ने भी थोड़ा ही सही मगर काम करना आरंभ कर दिया है। यह अलग सवाल है कि चालू हुए उद्योग कितने बेरोजगारों को रोजगार मुहैया करवा रहे हैं? हालांकि सूत्रों के अनुसार अभी भी 300 के करीब प्लाट ऐसे हैं, जहां पर कोई कामधंधा नहीं हो रहा है। न ही वहां किसी को रोजगार मिल रहा है। उद्योग विभाग एवं सरकार से लाभ लेने के मकसद प्लाट लेकर भवन तो कई उद्यमियाें ने खड़े कर दिए हैं। मगर उन पर अभी तक ताले हुए हैं। यह जांच का विषय है। जिससे काबिना मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने विधानसभा में ऐसे उद्योगपतियों को चेताते हुए उन्हें काम आरंभ करने को लेकर एक अंतिम मौका दिए जाने की बात कही है।
क्या कहते हैं मजदूर संगठनों के प्रतिनिधि
सालों से बंद पडे़ उद्योगों के पंजीकरण को किए जाने को लेकर इंटक के प्रदेश प्रवक्ता कामरेड जगतराम शर्मा ने कहा कि जहां वर्षों से कोई काम हो ही नहीं रहा, उनके तो तुरंत प्लाट रद कर देने चाहिए। एटक के कामरेड गुरनाम सिंह तथा विजय शर्मा के अनुसार उद्योगमंत्री को ऐेसे उद्यमियों को अब और मौका नहीं देना चाहिए, और प्लाट रद करने चाहिए। मजदूर संघ के संगठन मंत्री गुरमेल सिंह ने कहा कि कागजी घोड़े दौड़ाने से कुछ नहीं होगा जमीनी हकीकत पर कुछ करके दिखाना चाहिए।
इस संबंध में जिला उद्योग महा प्रबंधक टीआर शर्मा ने कहा कि विभाग ने ऐसे जितने उद्यमियाें को नोटिस दिए थे, उनमें से काफी उद्योगाें ने काम करना आरंभ कर दिया है। विभाग जांच कर रहा है, अभी भी कितने प्लॉट बिना काम के बंद पड़े हैं। अगर वे अब भी कोई काम शुरू नहीं करते हैं तो उनके आवंटन रद कर दिए जाएंगे।
