
शिमला। प्रदेश के स्कूलों में तैनात 500 टीजीटी शीघ्र पीजीटी पद पर पदोन्नत होंगे। टीजीटी से पदोन्नति के लिए स्नातकोत्तर डिग्री में 45 फीसदी न्यूनतम अंकों की शर्त का विवाद सुलझने के बाद विभाग ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। शिक्षकों को पदोन्नति के लिए विभागीय स्तर पर सूची लगभग तैयार कर दी है। इसे राज्य सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा जाना है। सरकार से स्वीकृति मिलते ही विभाग की ओर से टीजीटी से पीजीटी बनाने के लिए पदोन्नति लिस्ट जारी की जानी है। निदेशक उच्च शिक्षा शशि भूषण सेखरी ने बताया कि शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया चल रही है।
टीजीटी से पीजीटी बनने के लिए सरकार की ओर से 2011 से पहले शिक्षकों को न्यूनतम 45 फीसदी अंकों की छूट देने के फैसले के बाद विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसमें कला, नान मेडिकल और मेडिकल संकाय के सभी शिक्षकों को पदोन्नत किया जाना है। वरिष्ठता के आधार पर जिन शिक्षकों ने स्नातकोत्तर की डिग्री कर रखी है। उन्हें पदोन्नत किया जा रहा है। इसमें न्यूनतम अंकों की शर्त को विभाग लागू नहीं कर रहा है। पहले पीजी डिग्री में 45 फीसदी के कम अंक लेने वाले शिक्षकों को पदोन्नति लिस्ट से बाहर किया जा रहा है। इसका शिक्षक संघों और टीजीटी संघों की ओर से विरोध किया जा रहा था। इन शिक्षक संघों की मांग पर विभाग ने न्यूनतम अंकों की शर्त में छूट हासिल कर पदोन्नति की प्रक्रिया को शुरू कर दिया है।
निदेशक उच्च शिक्षा शशि भूषण सेखरी ने कहा कि टीजीटी से पीजीटी शिक्षक बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार से हरी झंडी मिलते ही इनकी पदोन्नति सूची जारी की जानी है।
