
शिमला। बर्फबारी के पांच दिन बाद भी ऊपरी शिमला में यातायात व्यवस्था बहाल नहीं हो पाई है। मंगलवार को ऊपरी शिमला में एचआरटीसी के करीब 150 रूट फेल हुए। बर्फबारी के बाद ऊपरी शिमला में फंसी निगम की 48 बसें मंगलवार को भी शिमला नहीं पहुंच पाईं। राष्ट्रीय राजमार्ग -22 नारकंडा में यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है लेकिन सड़क पर बर्फ की मोटी परत जमी होने के कारण वाहन स्किड हो रहे हैं।
बर्फबारी के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग -22 सहित अन्य मार्गों को बहाल करने का काम कछुआ गति से चल रहा है। नारकंडा में नेशनल हाइवे को वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल तो कर दिया गया लेकिन सड़क पर कोहरे के कारण वाहन स्किड होने से दिन भर जाम लगा रहा। मंगलवार को नारकंडा में एचआरटीसी की करीब आधा दर्जन बसें दिन भर फंसी रहीं। शिमला-कोटखाई मार्ग पर मंगलवार को वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। शिमला से कोटखाई रूट पर एचआरटीसी की चार बसें रवाना की गई। चौपाल रूट पर देहा तक निगम की चार बसें रवाना की गई। ठियोग-हाटकोटी मार्ग पर खड़ापत्थर के पास मार्ग बहाल नहीं हो पाया है। चौपाल मार्ग भी खिड़की के पास बंद है।
नारकंडा में फंस रही हैं बसें
नारकंडा में बसें फंसने के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है। मंगलवार को एचआरटीसी के करीब डेढ़ सौ रूट प्रभावित हुए हैं, विभिन्न क्षेत्रों में फंसी 48 बसें अभी भी शिमला नहीं पहुंच पाई हैं।
– अनिल सेन
मंडलीय प्रबंधक, एचआरटीसी
बारूबाग और कैंची मोड़ में फंसीं बसें
मंगलवार को नारकंडा के समीप बारूबाग और कैंची मोड़ में बसें फंस गई हैं। शिमला से बसें नारकंडा होते हुए रामपुर पहुंचीं, जबकि सड़क खराब होने के कारण रामपुर से शिमला के लिए बसें वाया बसंतपुर रवाना की गईं।
– गुरुवचन सिंह
क्षेत्रीय प्रबंधक, एचआरटीसी रामपुर
सड़कों को सुधारने के निर्देश
नारकंडा में तुरंत नेशनल हाइवे की स्थिति सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। दिन व रात के समय वाहनों की आवाजाही सुचारु रूप से हो सके इसके लिए अतिरिक्त मशीनरी और मेन पावर लगाने के लिए कहा गया है।
– अनिल शर्मा
चीफ इंजीनियर, नेशनल हाइवे
