
ऊना। टाहलीवाल में पकड़े गए चूरापोस्त के तार राजस्थान से जुड़ गए हैं। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि नशे की यह खेप राजस्थान के मंगलवाला से लाई जा रही थी। आए दिन नशे के साथ आरोपियों को पकड़ा जा रहा है। लेकिन नशे के सौदागरों को किसी का खौफ नहीं है। दुलैहड़ पंचायत ने भी नशे के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर नई पहल कर रखी है। बीती रात पकड़ा गया 226 किलोग्राम चूरापोस्त की खेप भी दुलैहड़ से ही महज आठ किलोमीटर दूर टाहलीवाल में पकड़ी गई।
गोरखधंधे से जुड़े लोगों के खिलाफ पुलिस भी दुलैहड़ में पंचायत द्वारा पारित प्रस्ताव के बाद सख्त हो गई है। पकड़ी गई नशे की खेप को भी लोगों की इसी पहल का नतीजा माना जा रहा है। इससे पहले भी पुलिस ने नशे की बड़ी खेप के साथ कई शातिरों को धरा है।
कब-कब पकड़ा गया नशा
बीते सप्ताह पुलिस ने दुलैहड़ में ही पांच ग्राम स्मैक के साथ पंजाब के एक युवक को धरा था।
दुलैहड़ में ही कुछ समय पहले पुलिस ने सात क्विंटल चूरापोस्त के साथ एक आरोपी को धरा था। उसे न्यायालय से 14 वर्ष कैद की सजा हुई है।
कुठारबीत में भी पुलिस ने पंजाब के आरोपियों को 36 किलोग्राम चूरापोस्त के साथ धरा था। कुछ समय पहले पुलिस ने ऊना में रेलवे फाटक के समीप दो क्विंटल चूरापोस्त की खेप बरामद की थी। सितंबर 2010 में दुलैहड़ में ही पुलिस ने 3.500 किलोग्राम चरस की खेप पकड़ी थी। इसमें भी दो दोषियों को दस-दस वर्ष कैद की सजा हुई है।
अंब में पिछले वर्ष से ही पुलिस ने 170 ग्राम चरस, 530 ग्राम चरस और 100 ग्राम चरस बरामदगी के तीन मामले दर्ज किए।
क्या कहते हैं डीएसपी
डीएसपी हेडक्वार्टर सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि आरोपी से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि टाहलीवाल में पकड़ी गई चूरापोस्त की खेप राजस्थान के मंगलवाला से लाई गई थी। उन्होंने कहा कि आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया चल रही है।
