
शिमला। वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने कहा कि राज्य में 400 वन रक्षकों की भरती जल्द की जाएगी। इससे वन विभाग के भीतर तमाम रिक्तियों को भरा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि बंदरों के आयात का मामला वर्तमान में सरकार के विचाराधीन है। भरमौरी ने कहा कि इको टूरिज्म को नए स्थल चिन्हित किए जाएंगे। पुराने चयनित स्थलों की समीक्षा करेंगे।
सोमवार को बजट अनुमानों की अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए भरमौरी ने कहा कि यह सही है कि टॉप लेवल पर अफसरों की संख्या वन विभाग में ज्यादा है, जबकि निचले स्तर पर हालत ठीक नहीं है। इसीलिए वन रक्षकों के 400 पदों को शीघ्र भरने का निर्णय लिया गया है। पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल के समय में लिए गए कई गलत फैसलों की वह विभाग में समीक्षा करवा रहे हैं। इससे पूर्व चर्चा में भाग लेते हुए महेश्वर सिंह ने कहा कि हिमाचल में बंदरों, सुअरों की संख्या बहुत बढ़ गई है। बंदरों की नसबंदी इस समस्या का समाधान नहीं। फेंसिंग में थोड़ा सा करंट छोडि़ए। जानवरों को खाने का प्रबंध करें तो समाधान हो जाएगा। विधायक कुलदीप कुमार ने भी जंगलों में आग और जंगली-जानवरों की समस्या का उचित समाधान करने को कहा। आशा कुमारी ने टीडी नीति का स्वागत करते हुए कई सुझाव दिए। विधायक जगजीवन पाल ने चीड़ों के जंगलों को कटवाकर इनके स्थान पर जंगली-जानवरों के लिए उपयोगी झाडि़यां लगाने का सुझाव दिया।
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इनका स्यापा हमारी जान के पीछे पड़ा
भरमौरी ने भाजपा पर तंज किया कि, इनका स्यापा हमारी जान के पीछे पड़ा। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अब जादूगर नहीं कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुए बिगाड़ को एकदम सुधार सकें। वीरभद्र सिंह ने तो विकास की झड़ी लगाई है। भरमौरी बोले, जिस तरह से विपक्ष का रवैया है, उसे निंदनीय कहा जाना चाहिए। रैली के लिए भाजपा ने पंजाब-हरियाणा से लोग लाए। ये लोग विधानसभा छोड़कर रैली में व्यस्त थे।
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कोई पता नहीं यहां भी आ जाएगा तेंदुआ
विधानसभा के बाहर तेंदुआ देखे जाने को लेकर विधायक महेश्वर सिंह ने कहा, तेंदुआ पिछले दिनों विधानसभा के बाहर घूम गया। ऐसे में तो कोई पता नहीं कि तेंदुआ यहां सदन में भी आ जाए। आशा कुमारी बोलीं, मुकेश अग्निहोत्री जी! आपने चीते के दर्शन किए। बहुत अच्छा है। यह माता का वाहन होता है। कुछ अच्छा ही होगा।
