
शिमला। नगर निगम के ई-गवर्नेंस प्रोजेक्ट को राज्य सरकार ने हरी झंडी दे दी है। टेंडर अवार्ड करने को लगाई गई तीन आवेदनों की शर्त को रद्द करने का अनुमति पत्र निगम प्रशासन को मिल गया है। शहरी विकास विभाग से अनुमति पत्र मिलते ही निगम ने प्रोजेक्ट की टेक्निकल बिड करने की तैयारियों को शुरू कर दिया है। संभावित है कि मार्च में प्रोजेक्ट काम करना शुरू देगा। निगम आयुक्त अमरजीत सिंह ने कहा है कि प्रोजेक्ट शुरू होने से लोग लाभान्वित होंगे।
ई गवर्नेंस प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद नगर निगम से जुड़ा हर छोटा-बड़ा काम आप घर बैठे भी कर सकेंगे। जरूरत होगी सिर्फ कंप्यूटर सिस्टम और इंटरनेट कनेक्शन की। प्रोजेक्ट के लिए तैयार किए गए मसौदे के तहत 15 मिनट में पानी बिल और हाउस टैक्स जमा किया जाएगा। आनलाइन ही बर्थ और डेथ सर्टिफिकेट उपलब्ध होगा। नगर निगम से जुड़ी शिकायतों का निवारण सात दिन के भीतर किया जाएगा। नक्शों की स्वीकृति सात से लेकर पंद्रह दिनों के भीतर दी जाएगी। कारोबारियों को नए फूड, पीएफए, नॉन पीएफए लाइसेंस सात दिनों के भीतर बनाकर दिए जाएंगे। जबकि उनका नवीनीकरण पंद्रह दिनों में होगा। शिकायतों को भी आनलाइन दर्ज कराया जा सकेगा। इसके लिए शहर के लोगों को म्यूनिसिपल अकाउंट नंबर दिया जाएगा। उस नंबर से ही लोग अपने बिलों और टैक्स का भुगतान करेंगे। योजना के चालू होने के बाद शहर के लोग नगर निगम से जुड़े अपने कामकाज का स्टेट्स भी आनलाइन जांच सकेंगे। म्यूनिसिपल अकाउंट नंबर के जरिये उपभोक्ता इंटरनेट के माध्यम से मामले की फाइल कहां पेंडिंग है, फाइल पर क्या आब्जेक्शन लगा है सहित अन्य जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे। केंद्र सरकार की जवाहर लाल नेहरू शहरी नवीनीकरण योजना के तहत ई गवर्नेंस प्रोजेक्ट के लिए नगर निगम को 11 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। इसके तहत निगम के मुख्य कार्यालय सहित वार्ड कार्यालयों का कंप्यूटरीकरण होगा।
