कब पूरी होगी योजना, बंजर होने लगे खेत

कुल्लू। उठाऊ सिंचाई योजना जरड़-बशौणा का कार्य अधर में लटका हुआ है। इसके चलते किसानों-बागवानों को परेशानी हो रही है। लंबे समय से शुरू की गई इस योजना का निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। इसके चलते लोगों में भारी रोष है।
पूर्व मंत्री खीमी राम शर्मा ने इस योजना की शुरुआत करवाई है। वर्ष 2009 में योजना को स्वीकृति मिली है, लेकिन पांच साल बीत जाने के बावजूद योजना अभी तक सिरे नहीं चढ़ पाई है। योजना पर 1.90 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। इस योजना से 127.78 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इसका निर्माण कार्य इतनी धीमी गति से चला हुआ है कि सालों बीत जाने के बावजूद बाद कार्य पूरा नहीं हो सका है। हालांकि, इस योजना को लेकर गांव के लोग उच्च अधिकारियों से मिलते रहे हैं, लेकिन कुछ नहीं हुआ। निर्माण कार्य धीमा होने से भुईन, जरड़, बशौणा तथा भाटग्रां के लोग कई बार आईपीएच विभाग शमशी से मिलते रहेे। अब ग्रामीणों में रोष है कि सालों बीत जाने के बावजूद सिंचाई योजना का काम पूरा नहीं हो पाया है। इस उठाऊ सिंचाई योजना से बशौणा, रोपासेरी, बरशोगी, तुनीसेरी सहित भाटग्रां गांवों के अलावा कई अन्य गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा। क्षेत्रवासी भोला राम, हीरा लाल, पवन, अभिषेक आदि ने बताया कि इस उठाऊ सिंचाई योजना के इंतजार में उनके खेत बंजर होने लगे हैं। उन्होंने जल्द विभाग से सिंचाई योजना का पानी सुचारु करने की मांग की है। उधर, आईपीएच विभाग शमशी डिवीजन के अभियंता राकेश ठाकुर ने बताया कि योजना का बाकी कार्य पूरा हो गया है, सिर्फ लोगों को पानी मुहैया करवाने के लिए पाइप लाइनें बिछाने को रही हैं।

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