विवि कर्मचारियों ने लंबित मांगों को लेकर खोला मोर्चा

शिमला: हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने मांगों को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में मोर्चा खोल दिया है। वीरवार को विभिन्न वर्गों के कर्मचारियों ने दोपहर के समय प्रशासनिक भवन के बाहर गेट मीटिंग की जिसके माध्यम से कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर कर्मचारियों की लंबित पड़ी मांगों बारे उचित कदम न उठाने का आरोप लगाया।

 

गेट मीटिंग के दौरान कर्मचारियों ने शुक्रवार को परिसर में धरना देने का ऐलान भी किया। इसके अलावा दोपहर के समय कर्मचारी गेट मीटिंग भी करेंगे। वीरवार को गेट मीटिंग को गैर-शिक्षक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डा. हितेश्वर सिंह ठाकुर, ईसी सदस्य चौधरी वरयाम सिंह बैंस, प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासनिक अधिकारी संघ के अध्यक्ष अर्जुन ठाकुर, चतुर्थ श्रेणी एवं तकनीकी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अशोक शर्मा के अतिरिक्त मदन गोपाल शर्मा, देवेंद्र शर्मा व प्रेम प्रकाश नेगी आदि ने संबोधित किया। मंच का संचालन गैर-शिक्षक कर्मचारी संघ के महासचिव गीता राम ठाकुर ने किया।

 

गैर-शिक्षक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डा. हितेश्वर सिंह ठाकुर ने कहा कि बीते 11 दिसम्बर को 26 सूत्रीय मांग पत्र प्रशासन को सौंपा गया था लेकिन अभी तक कोई उचित कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन के लगातार मांगों के प्रति नकारात्मक रवैये के चलते आम कर्मचारी वर्ग में रोष बढ़ता जा रहा है।

 

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में कर्मचारियों ने एक्शन कमेटी बनाई है। इस कमेटी में शामिल सदस्यों के नामों को गोपनीय रखने का निर्णय लिया गया है। यह एक्शन कमेटी कर्मचारियों की मांगों को लेकर आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगी।

 

‘कार्यकारिणी परिषद के सभी फैसले अक्षरश: लागू हों’
कार्यकारिणी परिषद के सभी फैसलों को अक्षरश: लागू करना, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय पैंशन में सचिवालय भत्ते का लाभ प्रदान करना, सभी श्रेणियों के कर्मचारियों को क्रम पदोन्नति प्रदान करना, गैर-शिक्षक कर्मचारियों की विभिन्न श्रेणियों मे रिक्त पड़े पदों को भरना, विश्वविद्यालय बजट में बढ़ौतरी के साथ-साथ अतिरिक्त अनुदान राशि उपलब्ध करवाना, पैंशन कोर निधि को सुदृढ़ करना, आऊटसोर्सिंग प्रणाली को रद्द करना, सूचना के अधिकार एवं कानूनी मामलों के निदान हेतु अलग प्रकोष्ठ बनाना, गैर-शिक्षक कर्मचारियों की विभिन्न श्रेणिओं में अतिरिक्त पदों को सृजित करना, संयुक्त कुलसचिव एवं अतिरिक्त कुलसचिव के पदों को सृजित करना, विश्वविद्यालय की शाखाओं एवं विभागों को कम्प्यूटरीकृत करना, भर्ती एवं नियमितीकरण समिति की बैठक नियमित रूप से करवाना, भर्ती एवं पदोन्नति के नियम बनाने, विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों में कर्मचारियों के बच्चों को आरक्षण देना, विभिन्न श्रेणियों में कार्यरत अनुबंध कर्मचारियों की समस्याओं का निदान करना (जैसे नियमित करने, वाॢषक भत्ता वृद्धि एवं अन्य सभी मुद्दे शामिल हैं), गैर-शिक्षक कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त आवासीय सुविधा प्रदान करवाना, स्थायी तबादला नीति बनाकर उसे प्रभावी ढंग से लागू करवाना, मुख्य पुस्तकालय, निर्माण मंडल, स्वास्थ्य केंद्र, लैब स्टाफ/तकनीकी कर्मचारियों, चालक  व परिचालक एवं सुरक्षा कर्मियों की विभिन्न समस्याओं को हल करना, विश्वविद्यालय परिसर के विस्तार हेतु भूमि का चयन करने बारे, कर्मचारी स्टाफ कैंटीन को अतिरिक्त स्थान उपलब्ध करवाने बारे व कर्मचारियों को कार/स्कूटर पार्किंग की सुविधा प्रदान करना शामिल है।

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