ग्रामीण हुए लामबंद

कैहडरू, भिड़ा व समराला फिर नगर नियोजन सूची में शामिल
टिक्कर डिडवीं: 
प्रदेश सरकार द्वारा जिला के 53 गांवों को फिर से नगर नियोजन (टीसीपी) एक्ट में लिया गया है जिनमें गांव कैहडरू, भिड़ा और समराला भी शामिल हैं। इन गांवों के लोग इस निर्णय के विरोध में लामबंद हो गए हैं। विदित रहे कि ये गांव पहले भी नगर नियोजन सूची में शामिल थे परंतु लोगों द्वारा विरोध जताए जाने व अपना पक्ष सरकार के समक्ष रखने पर पूर्व भाजपा सरकार द्वारा इन गांवों को उक्त सूची से हटा दिया गया था लेकिन वर्तमान सरकार द्वारा फिर से इन गांवों को सूची में शामिल किए जाने पर लोग भड़क गए हैं।

 

भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता ओम प्रकाश शर्मा, सेवानिवृत्त अधिकारी देवराज शर्मा, ओंकार चंद, जनप्रतिनिधि उत्तम चंद, सुनील कुमार, राजेश शर्मा, सीमा देवी, दिलीप चंद, भाजपा नेता चढ़तू राम चौधरी, विपिन कुमार, मान सिंह, दिलीप चौधरी, युद्धवीर सिंह पठानिया, चंदन शर्मा, सुनील शर्मा, स्वतंत्र शर्मा, जगदीश चंद, ध्यान चंद, जनप्रतिनिधि सुशील सोनी व उधोराम शर्मा आदि का कहना है कि उनके द्वारा काफी जद्दोजहद के पश्चात उनके गांव नगर नियोजन सूची से पिछली सरकार द्वारा हटाए गए थे परंतु वर्तमान सरकार ने उन्हें फिर से मुश्किल में डाल दिया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे मूकदर्शक बनकर इस अनचाहे फैसले को स्वीकार नहीं करेंगे। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि उनके गांव फिर से इस सूची में डाले जाते हैं तो वे संघर्ष का रास्ता अपनाने पर विवश होंगे।

 

ग्रामीण करेंगे संघर्ष कमेटी का गठन
लोगों ने बताया कि शीघ्र ही गांव स्तर पर संघर्ष कमेटी का गठन किया जाएगा तथा एक प्रतिनिधिमंडल इस संबंध में मुख्यमंत्री से मिलेगा। लोगों ने सरकार से मांग की है कि शीघ्र उनके गांवों को उक्त सूची से हटाया जाए।

 

मुझे अभी अधिकारिक रूप से इस संबंध में कोई पत्र सरकार या विभाग के उच्चाधिकारियों से प्राप्त नहीं हुआ है कि कौन-कौन गांव सूची में डाले गए हैं। 

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