
शिमला: हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि का प्रस्ताव विवि प्रशासन तुरंत वापस ले। विश्वविद्यालय में छात्रों पर आर्थिक भार बढ़ाना बिल्कुल भी तर्कसंगत नहीं है और यदि फीस वृद्धि को एसएफआई बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगी और प्रदेश भर में आंदोलन छेड़ेगी। यह बात वीरवार को पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए एसएफआई के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश सरवाल ने कही। उन्होंने कहा कि फीस वृद्धि का प्रस्ताव जल्द वापस न लिया गया तो आम छात्रों को लामबंद कर एसएफआई आंदोलन तेज करेगी, वहीं एसएफआई रूसा प्रणाली का भी विरोध करती है।
सुरेश सरवाल ने कहा कि पीजी स्तर पर रूसा लागू करने के बाद 50 प्रतिशत अंक इंटर्नल असैसमैंट के तौर पर छात्रों को दिए जाएंगे जोकि शिक्षकों के हाथ में होंगे जिसका एसएफआई विरोध करती है। उन्होंने कहा कि फीस वृद्धि होने से कई आम छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रहे जाएंगे, जिसे एससीए बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। पूर्व में स्नातक कक्षाओं के फार्म और बीएड के फार्म की कीमत में बढ़ौतरी की गई। स्नातक स्तर पर परीक्षा फार्म की कीमत को बढ़ाकर 270 रुपए किया गया है जिसका एसएफआई लगातार विरोध कर रही है। एसएफआई की मांग है कि 5 रुपए वाला परीक्षा फार्म 270 रुपए में बेचने का विरोध आगे भी जारी रहेगा।
