
मंडी। शहर की ज्वलंत मांगों के समाधान को लेकर सोमवार को वाम संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान सीटू, किसानसभा, महिला समिति, नौजवान सभा, एसएफआई, परचून फल एवं सब्जी विक्रेता यूनियन और फोरलेन संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
इसका नेतृत्व हिमाचल किसानसभा के जिला सचिव कुशाल भारद्वाज, सीटू प्रधान भूपेंद्र सिंह, महिला समिति की सुनीता विष्ट, नौजवान सभा के अजय वैद्य, एसएफआई के चेतन ठाकुर,
परचून एवं सब्जी विक्रेता यूनियन के देशराज राणा और सुरेंद्र कुमार, फोरलेन संघर्ष समिति के जोगिंद्रवालिया, गुरिया राम, विजय ठाकुर और विजय अबरोल किया। धरने को हिमाचल किसान सभा के जिला सचिव कुशाल भारद्वाज ने संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनता की रोजमर्रा की समस्याएं हल करने में भी नाकाम हैं। इस कारण जनता को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। वाम संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने शहर में रैली निकाली और डीसी कार्यालय के बाहर धरना दिया। इसका बाद डीसी को मांगपत्र सौंपा।
संगठनों की विभिन्न मांगों में मंडी शहर को बंदरों के आतंक से मुक्ति दिलाना, हनुमानघाट पर बने शमशानघाट को विस्तार देना, शौचालय बनाना, खड़े होने के लिए शेड का निर्माण कराना, ट्रैफिक समस्या के चलते पार्किंग की सुविधा प्रदान करना, टैक्सी, थ्री व्हील और मालवाहक ऑटो के लिए स्टैंड तथा कार्यालय मुहैया करवाना शामिल है। इंदिरा मार्केट में बने शौचालय की रिपेयर करना और संकन गार्डन में बने तालाब पर ओपन एयर मंच बनाने की मांग रैली के दौरान उठाई गई। इसके अलावा बस अड्डे का कार्य जल्दी शुरू करने और शहर में रेहड़ी मार्केट का निर्माण कार्य जल्दी शुरू करने की मांग की गई। संगठनों ने प्रदर्शन के बाद बैठक करके फैसला लिया कि बंदरों की समस्या का समाधान और शमशानघाट के विस्तार का निर्माण कार्य दिन में शुरू न हुआ तो सभी संगठन मिलकर क्रमिक भूखहड़ताल करेंगे।
