
मंडी। ऑटो रिक्शा एवं टैक्सी यूनियन ने मांगोें को लेकर शनिवार को मंडी शहर में काले झंडे लगाकर रैली निकाली। इस दौरान करीब 700 वाहनों जिनमें 354 ऑटो और 400 टैक्सियां भी रैली में शामिल रही। इस कारण ट्रैफिक व्यवस्था भी प्रभावित हुई। प्रशासन ने रैली को विक्टोरिया पुल से गुजरने वाली ट्रैफिक को वाया पुरानी मंडी भ्यूली रवाना किया जिससे जाम की समस्या नहीं हुई।
वहीं प्रशासन के रवैये के खिलाफ भामसं संघर्ष समिति की ओर से जारी क्रमिक अनशन शनिवार को 20वें दिन में प्रवेश कर गया। समिति ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने संघ की एक भी समस्या का हल नहीं निकाला। संघर्ष समिति के अध्यक्ष पवन ठाकुर ने कहा कि जिला प्रशासन मंडी शहर की जनता और सरकार को गुमराह कर रहा है। कहा कि जिला प्रशासन की ओर से एक पत्र संघर्ष समिति को मिला है। इसमें कहा है कि ऑटो के किराये का निर्धारण करने के लिए प्रधान सचिव परिवहन को भेजा है। वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने चौहट्टा बाजार में किराया दरों की सूची लगा रखी है। उन्होंने जिला प्रशासन के इस दावे को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया है कि मंडी में केवल 236 ऑटो रिक्शा पंजीकृत हैं। कहा कि मंडी में शनिवार को आटो रिक्शा एवं टैक्सियों की शांतिपूर्ण रैली निकाली। यह तो महज एक ट्रेलर हैं और बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि मजदूरों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर उनका हल निकालने का प्रयास करें। मंडी शहर की जनता को परेशान करने की मंशा नहीं है। लेकिन इस तरह के कदम उठाने के लिए जिला प्रशासन मजबूर कर रहा है। शनिवार को क्रमिक अनशन पर बैठने वालों में ऑटो रिक्शा यूनियन की ओर से मनोज कुमार, संतराम, नरेश कुमार, टैक्सी यूनियन की ओर से इंद्रदेव तथा सोहन
सिंह बैठे।
