
हरिद्वार स्थित हैलो इंडिया कंपनी से भरे गए तीन सैंपलों में से दो मानकों के विपरीत पाए जाने पर एडीएम कोर्ट ने 18 लाख का जुर्माना लगाया है।
27 लाख के 325 बॉक्सों को नष्ट करने के आदेश
मानक पूरे न पाए जाने और सामान की डेट एक्सपायर होने पर गुरुवार को 27 लाख के कंपनी के सीज 325 बॉक्सों को जब्त कर नष्ट करने के आदेश जारी कर दिए।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी दिलीप जैन ने बताया कि 14 अगस्त 2012 को रुड़की के निकट सलेमपुर राजपूतान औद्योगिक क्षेत्र स्थित हैलो इंडिया कंपनी से तीन सैंपल (ग्लूकोज डी सादा, ग्लूकोज डी ओरेंज फ्लेवर और मिल्क पाउडर) भरे थे।
इस दौरान प्रोडक्ट के 325 बॉक्स भी सीज किए। सैंपल जांच के लिए रुद्रपुर लैब भेजे गए। वहां पता चला कि उत्पाद करने में कंपनी ने मानकों की अनदेखी की है। लेवल पर लिखे मानक फर्जी पाए गए। 31 मार्च 2012 का कंपनी का लाइसेंस एक्सपायर हो चुका था।
फर्जी आईएसओ लगाया
लेबल पर फर्जी आईएसओ 9001-2008 लगाया गया था। जबकि कंपनी आईएसओ से सर्टिफाइड ही नहीं थी। इतने सब कुछ मानकों के विपरीत पाए जाने पर विभाग ने एडीएम आलोक पांडेय की कोर्ट में वाद दायर किया।
सुनवाई में एडीएम आलोक पांडेय ने दो प्रोडक्ट पर फैसला सुनाते हुए धारा 23, 24, 52, 53 ग्लूकोज डी सादा और ग्लूकोज डी ओरेंज के मामले में कंपनी पर 18 लाख रुपए का जुर्माना लगाया।
साथ ही 27 लाख रुपए के 325 बॉक्स को नष्ट करने के आदेश जारी किए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन ने बताया कि अभी तक अखिल भारतीय स्तर पर यह अधिकतम पेनल्टी लगाई गई है। मिल्क पाउडर मामले में अभी फैसला नहीं सुनाया गया है।
