
काईस (कुल्लू)। वन विभाग के अधिकारियों ने स्वीकार कर लिया है कि खराहल घाटी की गाहर तथा बोडसू बीट के जंगलों में अवैध कटान हुआ है। पहले अधिकारी यह बात मानने को तैयार ही नहीं थे। ‘अमर उजाला’ में अवैध कटान की खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आए वन विभाग के अधिकारियों ने मौके का दौरा करते हुए काईल के पेड़ों के अवैध कटान की डैमेज रिपोर्ट तैयार कर दी है। कुल्लू के वन परिक्षेत्र अधिकारी हरदयाल भारती ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय से गाहर तथा बोडसू बीट में वन रक्षक का पद खाली चल रहा है। ऐसे में वहां अवैध कटान रोकना मुश्किल हो गया है। जाडे़ के दिनों में वन काटुओं की गतिविधियां एकाएक बढ़ गई हैं। देवदार और काईल के हरे पेड़ों का कत्लेआम करते हुए रातोंरात इमारती लकड़ियों को ठिकाने लगाया जा रहा है। भारती ने बताया कि अवैध कटान की डैमेज रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। वहीं, काटे गए कुछ पेड़ों की लकड़ी भी बरामद कर ली है। वन काटुओं का पता लगाने के लिए विभाग ने मुहिम छेड़ दी है। जल्द वन विभाग तलाशी अभियान भी छेडे़गा। डीएएफओ कुल्लू बीएल नेगी ने कहा कि इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाने के निर्देश दिए गए हैं।
