
रानीखेत। मजखाली में मुकदमा दर्ज कराने को लेकर उप राजस्व निरीक्षक और ग्रामीणों के बीच उपजे विवाद ने तूल पकड़ लिया है। ग्रामीणों ने तीन दिन के भीतर उप राजस्व निरीक्षक के खिलाफ सार्थक कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। उधर तहसील के राजस्व और उपराजस्व निरीक्षकों ने बैठक की। संयुक्त मजिस्ट्रेट को सौंपे ज्ञापन में निष्पक्ष जांच करने और उप राजस्व निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई होने पर आंदोलन का ऐलान किया है। इससे पूर्व संयुक्त मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों से वार्ता की, लेकिन संतोषजनक हल नहीं निकल सका है।
मालूम हो कि शनिवार की रात मोबाइल गुम होने का मुकदमा दर्ज कराने पटवारी चौकी पहुंचे कुंवाली निवासी हेम पांडे और नैनी गांव निवासी आनंद भंडारी और उपराजस्व निरीक्षक विजेंद्र कुमार आर्य के बीच विवाद हो गया था। दोनों ग्रामीणों का आरोप था, कि उपराजस्व निरीक्षक मुकदमा दर्ज नहीं कर रहे थे और हाथापाई करने लगे। इसके बाद वहां विधायक अजय टम्टा, संयुक्त मजिस्ट्रेट रवि झा सहित तमाम अमला मजखाली पहुंच गया। देर रात किसी प्रकार मामला सुलझा। इधर सोमवार को संयुक्त मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों से वार्ता की, लेकिन संतोषजनक हल नहीं निकल सका है। हेम पांडे, आनंद भंडारी, नरेंद्र भंडारी, मजखाली व्यापार मंडल अध्यक्ष इंद्र पाल दअधिकारी सहित तमाम लोगों ने तीन दिन के भीतर सार्थक कार्रवाई नहीं होने पर तहसील में प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। उधर उपराजस्व निरीक्षकों ने बैठक कर मामले की समीक्षा की। कहा कि उपराजस्व निरीक्षक को इस मामले में झूठा फंसाने की तैयारी चल रही है। यदि उनके खिलाफ किसी भी तरह के दबाव में कोई कार्रवाई होती है तो वह भी एकजुट होकर आंदोलन शुरू कर देंगे। इस संबंध में संयुक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन भी सौंपा गया। जिसमें कानूनगो अर्जुन टम्टा, पटवारी सदर महेंद्र सिंह चौड़िया, महेंद्र सिंह रावत, भूपाल गिरि गोस्वामी, कुंदन बिष्ट, पान सिंह बिष्ट, मोहन सिंह, विनोद टोलिया, भूपाल राम, बलवंत सिंह कठायत सहित तमाम उपराजस्व निरीक्षक मौजूद थे।
