
हमीरपुर। भाषा एवं संस्कृति विभाग के सौजन्य से संस्कृति सदन सलासी में आयोजित बहुभाषी कवि सम्मेलन में समाज के बदलते रंगों पर कवियों ने अपने अपने अंदाज में जमकर तंज कसकर श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी। कवि सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए जिला भाषा अधिकारी कर्नल नेगी ने कहा कि कविताएं समाज की संवेदनाओं को व्यक्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है। सामाजिक कुरीतियों को दूर करने तथा लोगों को सही दिशा प्रदान करने में कविताओं की अहम भूमिका है। सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए अजीत दीवान ने कहा कि कवि सम्मेलन के आयोजन से नवोदित कवियों को आगे आने का अवसर मिलता है। नियमित तौर पर कवि संगोष्ठियों का आयोजन करना समय की मांग है। कवि सम्मेलन का आगाज करते हुए दलीप सिंह ने नौएं पुराने जमाने दा हाल…, कई साल अंग्रेजे आसांदा मुल्ख निमुंए साई निचोड़ेया, कोई कसर नी छड़ी धरोडुए साई रगोड़या….. की पंक्तियों के साथ लोगों को देश भक्ति का संदेश दिया। राकेश ठाकुर ने नजरों से नजरें मिला कर तो देखो, अपने दिल में मुझे बसा कर तो देखो… के माध्यम से अपनी संवेदनाओं को व्यक्त किया।
तारा दीवान ने सुखी रहेगी जिंदगी इंसान होकर, तुम इंसान रहो, मत छोड़ा अपना धर्म… पंक्तियों के माध्यम से अच्छाई के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। इसी तरह से नवनीत शर्मा ने हाय ये फैशन विषय पर अपने ही अंदाज में कविता सुनाकर सबको भाव विभोर कर दिया।
