अब जनमत की जीत का प्रतीक भी होगा तहसील भवन

हल्द्वानी। जनमत में बड़ी ताकत होती है। अब तक केवल हल्द्वानी की ऐतिहासिक धरोहर कहलाने वाला तहसील भवन आज से जनमत की जीत का प्रतीक भी होगा। भवन बचाने के लिए हस्ताक्षर कर आपने जो हसरत जाहिर की थी, वह पूरी होती दिख रही है। कैबिनेट मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश ने साफ कर दिया है कि ऐतिहासिक महत्व वाले हिस्से का संरक्षण किया जाएगा। इसके लिए सर्वे ऑफ इंडिया की टीम की भी राय ली जाएगी। इसके अलावा प्रशासनिक भवन और पार्किंग के लिए परिसर में ही पीछे की ओर खाली पड़ी जमीन का इस्तेमाल होगा।
तहसील भवन बचाने के लिए हस्ताक्षर अभियान चला रहे समाज सेवियों ने बृहस्पतिवार को वित्तमंत्री डा. इंदिरा हृदयेश से मुलाकात की। डा. हृदयेश ने लोगों की राय जानने के बाद जिलाधिकारी को आदेश दिए हैं कि प्रशासनिक भवन और पार्किंग बनाने के लिए तहसील भवन को न तोड़ा जाए। इसके लिए परिसर में ही पीछे खाली पड़ी जमीन का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा ऐतिहासिक महत्व वाले हिस्से के सर्वेक्षण के लिए सर्वे आफ इंडिया की टीम को बुलाने की बात डा. हृदयेश ने कही है। उन्होंने कहा कि सर्वे ऑफ इंडिया के निरीक्षण के बाद भवन को बचाने का काम शुरू हो पाएगा। वित्तमंत्री से मिलने वालों में राज्य आंदोलनकारी मोहन पाठक, आरटीआई कार्यकर्ता गुरविन्दर चड्ढा, हेमंत गौनिया, राहुल छिमवाल, विशंबर कांडपाल, मनोज कार्की, शंकर वाल्मीकि, प्रदीप पंत और राजीव ओली आदि थे।

हल्द्वानी। विरासत बचाओ अभियान में एमबीपीजी कालेज के छात्र-छात्राएं और प्रोफेसरों ने बृहस्पतिवार को बैनर पर हस्ताक्षर कर हल्द्वानी तहसील भवन को हेरिटेज भवन घोषित किए जाने का समर्थन किया। इंटीरियर एक्सटीरियर एंड डेकोरेशन विभाग के सामने रखे तहसील भवन बचाओ के बैनर पर एसोसिएट प्रोफेसर डा. रेखा बिष्ट, डा. कैलाश कलौनी, डा. गुरेंद्र सिंह के अलावा छात्रा प्रियंका जोशी, अनुराधा सिंह, अमित भट्ट समेत दर्जनों छात्र-छात्राओं ने हस्ताक्षर किए। इंटीरियर एक्सटीरियर एंड डेकोरेशन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर सुधीर नैनवाल ने कहा कि 123 साल पुराने तहसील भवन को हैरिटेज भवन घोषित कराने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने बताया कि हस्ताक्षरयुक्त बैनर जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा।

बातचीत
1. ऐतिहासिक तहसील भवन को तोड़ा नहीं जाना चाहिए बल्कि इसे संग्रहालय बनाने की पहल की जाए।
डा. रेखा बिष्ट, एमबी कालेज
2. तहसील भवन हमारी ऐतिहासिक धरोहर है। इसके महत्व को ध्यान में रखकर दूसरे स्थान पर तहसील की नई इमारत का निर्माण होना चाहिए।
डा. गुरेंद्र सिंह, एमबी कालेज
3. हमें अपने इतिहास से नई पीढ़ी को अवगत कराने के लिए ऐतिहासिक भवनों को बचाना होगा। सुनीता, छात्रा एमबी कालेज
4. शहर का विकास भी जरूरी है लेकिन ऐतिहासिक तहसील भवन को न तोड़ा जाए।
ज्योति, छात्रा एमबी कालेज

5: तहसील भवन हल्द्वानी की पहचान है। इस इमारत से अतीत की यादें जुड़ी हैं।
प्रशांत जोशी, सभासद, भवाली
6: जब हजारों साल पुराने मंदिर संरक्षित किए जा सकते हैं तो 123 साल पुरानी तहसील को जर्जर कैसे कह सकते हैं। महेश सुयाल, पूजारी हैड़खान मंदिर

7:: हमें अपनी चीजों को बचाना सीखना होगा। ऐसा नहीं किया तो पर्यटन प्रदेश में देखने के लिए कुछ नहीं बचेगा। किशन सिंह अधिकारी, सभासद, भवाली

8: मैं नहीं जानती थी कि तहसील भवन इतनी महत्वपूर्ण धरोहर है। इस अभियान के बाद मुझे लगता है कि ऐसी और चीजें भी बचाई जानी चाहिए। मोनिका, हल्द्वानी

9:: शहर भर में उग आए कंकरीट के जंगल में तहसील भवन एक बरगद के पेड़ की तरह है। जो आंखों को सुकून देता है। रश्मि शाह, ज्योलीकोट

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