
नैनबाग (टिहरी)। दिल्ली-यमुनोत्री राजमार्ग में बुधवार देर रात हुई यूटीलिटी दुर्घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर अब पांच हो गई है। घटना के बाद से वाहन चालक फरार है। मृतकों के शव परिजनों को सौंप दिए गए है। यूटीलिटी विकासनगर से बड़कोट उत्तरकाशी के लिए जा रही थी।
यमुना ब्रिज के पास विकासनगर से बड़कोट उत्तरकाशी जा रही एक यूटीलिटी अनियंत्रित होकर 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरी थी। दुर्घटना में ग्राम कांडी तहसील बड़कोट उत्तरकाशी निवासी जगवीर सिंह (31) पुत्र पूरण सिंह, ग्राम अरुण बड़कोट निवासी जगमोहन (36) पुत्र श्रीचंद, ग्राम कासोल पुरोला निवासी भरत सिंह (38) पुत्र भरत सिंह ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। दुर्घटना में घायल हुए मोहम्मद अरसद (35) पुत्र इलियास (10/16 खाला पाल दक्षिणी, मुजफ्फरनगर), सलीम (40) पुत्र युनूस (ग्राम बिहारी-दो मकान नंबर 242 मुजफ्फरनगर) को उपचार के लिए मसूरी ले जाया जा रहा था, लेकिन हालत नाजुक होने से दोनों घायलों ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया था। ये दोनों बड़कोट में फेरी का काम करते थे। वाहन चालक नौगांव पुरोला उत्तरकाशी निवासी दीपेंद्र सिंह मौके के बाद से फरार है। स्थानीय लोगों के सहयोग से घायलों को खाई से निकालकर 108 की मदद से चिकित्सालय पहुंचाया गया। एसडीएम संतोष कुमार पांडेय ने बताया कि फरार चल रहे वाहन चालक की तलाश की जा रही है।
रात भर बरामदे में पडे़ रहे शव
नैनबाग (टिहरी)। नैनबाग प्राथमिक चिकित्सालय में शवों को रखने के लिए मोरचरी की कोई व्यवस्था नहीं है। इस कारण शवों को वार्ड के पास बरामदे में रख दिया गया था। इससे वार्ड में भर्ती रोगियों को परेशानी भी झेलनी पड़ी। टटोर के पूर्व प्रधान गंभीर सिंह रावत, श्याम सिंह चौहान और सोमवारी लाल नौटियाल ने चिकित्सालय में मोरचरी बनाए जाने की मांग की है।
बुढ़ापे पर टूटा दुखों का पहाड़
उत्तरकाशी जिले के बड़कोट के ग्राम अरुण निवासी श्रीचंद के परिवार पर दुर्घटना कहर बनकर टूटी है। दुर्घटना में मृत जगमोहन उनका एक मात्र पुत्र था। खेतीबाड़ी कर जगमोहन परिवार का भरण पोषण करता था। उनकी माता का देहांत पहले ही हो चुका है। 70 वर्षीय पिता इस हादसे के बाद से गहरे सदमे में हैं। जगमोहन अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चों को छोड़ गया है। बच्चों का लालन-पालन कैसे होगा, जगमोहन के वृद्ध पिता को यह चिंता सता रही है।
