
ऊना। हिमाचल प्रदेश लिपिक वर्गीय महासंघ ने लंबित मांगों को लेकर आवाज बुलंद कर दी है। महासंघ के प्रादेशिक कार्यकारी अध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष तारा सिंह ने सरकार से मांग की कि प्रदेश में कार्यरत अनुबंध लिपिक को पे बैंड 10300 एवं ग्रेड पे 3200, इनीशिनल पे 13500 रुपये दिया जाए तथा अनुबंध लिपिक को तीन वर्ष के बाद नियमित किया जाए। सरकार ने अधिसूचना 9 अगस्त 2012 में लिपिक को रिवाइज वेतनमान देने के लिए दो वर्ष की शर्त लगाई है, उसे तुरंत हटाया जाए। इससे प्रदेश में कार्यरत लगभग सात हजार लिपिकों को वित्तीय नुकसान हो रहा है तथा अनुबंध लिपिक के लिए भी नियमित होने पर दो साल की शर्त न लगाई जाए। तारा सिंह ने कहा कि पंजाब का लिपिक वर्ग पे बैंड एवं ग्रेड पे ले रहा है लेकिन प्रदेश के लिपिक वर्ग को नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार लिपिक वर्ग के साथ अन्याय कर रही है। महासंघ ने सरकार से मांग की कि प्रदेश के लिपिक वर्ग को पंजाब की तर्ज पर जो स्केल रिवाइज हुआ है, उसी के आधार पर दिया जाए। इस मौके पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, महासचिव रमेश ठाकुर, गैर शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष पवन शर्मा एवं महासचिव राजेश कुमार, उपाध्यक्ष नरेश कुमार, संजीव कुमार, दलीप सिंह, जतिंद्र कुमार, वित्त सचिव संजय शर्मा, प्रेस सचिव सहदेव, संयुक्त सचिव गिरधारी लाल, अनिल कुमार, अश्वनी शर्मा, हेम राज, रशपाल सिंह, विजय कुमार, संगठन सचिव सुरेंद्र राणा, कुलदीप मान, लेख राज, विमला देवी, कार्यालय सचिव देस राज, सलाहकार सुरेंद्र मोहन कंवर, कुलदीप सिंह दयाल, कानूनी सलाहकार कमल नैन एवं अन्य सदस्य तिलक राज, हुसन लाल, रणजीत अटवाल अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
