प्रवासी परिंदों को आफत में डाल रही गंदगी

कुल्लू। ब्यास नदी और जिला की अन्य नदियों, नालों और झीलों में पसरी गंदगी प्रवासी पक्षियों पर भारी पड़ने लगी है। नदियों में पसरी गंदगी से तो कई बार प्रवासी पक्षियों की जान पर भी बन आती है।
कई बार नदियों और झीलों में गिरा पॉलीथिन और अन्य कपड़े इन पक्षियों पर भारी पड़ते हैं। वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर अखाड़ा बाजार निवासी राहुल सूद ने बताया कि नदियों और झीलों में पॉलीथिन और अन्य कपड़े अक्सर पत्थरों में फंस जाते हैं और प्रवासी पक्षी भी पत्थरों के बीच अपना भोजन तलाशते हैं। इसके चलते कई बार ये प्रवासी पक्षी पत्थरों के बीच फंसे पॉलीथिन और कपड़ों में फंस कर अपनी जान गंवा बैठते हैं। मंगलवार को भी मौहल क्षेत्र के समीप एक ग्रेट कोरमोरेंट नामक पक्षी के गले में एक कपड़ा फंस गया। गले में कपड़ा फंसने के कारण न तो वह पक्षी उड़ पा रहा था और न ही नदी में अपना भोजन तलाश कर पा रहा था। ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क के अरण्यपाल ने बताया कि नदी, नालों और झीलों में प्रदूषण प्रवासी पक्षियों और अन्य जीव जंतुओं के लिए घातक साबित हो रहा है। उन्होंने माना कि नदियों में पत्थरों के बीच फंसा पॉलीथिन कई बार पक्षियों के लिए घातक होता है। उन्होंने बताया कि मौहल के समीप ब्यास नदी में ग्रेट कोरमोरेंट पक्षी के गले में कपड़ा फंसने की उन्हें सूचना मिली है। उन्होंने डीएफओ कुल्लू को बचाव दल भजने के लिए कहा था। उन्होंने बताया कि जब बचाव दल मौके पर पहुंचा तो पक्षी वहां मौजूद नहीं था।

तिब्बत और रशिया से आते हैं प्रवासी परिंदे
जानकारी के अनुसार कुल्लू जिले में इन दिनों प्रवासी पक्षियों की आमद शुरू हो गई है। ये पक्षी तिब्बत, सेंट्रल एशिया, रशिया और साइबेरिया में ठंड बढ़ने के कारण हिमालयन रेंज का रुख करते हैं। ये प्रवासी पक्षी लारजी डैम, कुल्लू की ब्यास नदी के आसपास देख जा सकते हैं।

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