
नाहन (सिरमौर)। मनरेगा के तहत भूमि सुधार, सड़क एवं रास्तों की मरम्मत, जल संरक्षण एवं वनीकरण इत्यादि कार्यों को प्राथमिक ता देने के साथ-साथ अधिक से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान किया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार के अतिरिक्त लोगों को घर द्वार पर रोजगार भी उपलब्ध हो सके।
यह जानकारी सांसद लोकसभा वीरेंद्र कश्यप ने मंगलवार को यहां जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्हाेंने बताया कि चालू वित्त वर्ष के दौरान माह सितंबर तक जिला में मनरेगा के तहत 23701 परिवाराें को साढे़ आठ लाख दिनों का रोजगार उपलब्ध करवाया गया जिस पर 18 करोड़ रुपये की राशि व्यय की गई।
जल संरक्षण के लिए जिला में चैकडेम लगाने के लिए स्थलों का चयन किया जाए तथा चैकडेम ऐसे स्थलों पर लगाए जाएं जिससे किसानों को सिंचाई की सुविधा भी उपलब्ध हो सके।
सांसद ने जानकारी दी कि प्रदेश के केवल दो जिलों सोलन और सिरमौर में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 225 अनुसूचित जाति बाहुल्य आबादी वाले गांव को लाया गया है जिसमें से 125 गांव सिरमौर जिला के हैं और प्रत्येक गांव के विकास पर 22 लाख रुपये की राशि व्यय की जा रही है।
बैठक में विधायक डॉ. राजीव बिंदल, बलदेव तोमर, सुरेश कश्यप, अध्यक्ष जिला परिषद दयाल प्यारी, पूर्व विधायक सुखराम चौधरी के अतिरिक्त समिति के गैर सरकारी एवं सरकारी सदस्यों ने भाग लिया और अपने बहुमूल्य सुझाव प्रस्तुत किए।
उपायुक्त विकास लाबरू ने अध्यक्ष एवं सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि जिला में केंद्र द्वारा प्रायोजित योजनाओं को प्रभावी ढंग से कार्यान्वित किया जा रहा है जिसके सार्थक परिणाम मिलने से लोगाें को काफ ी लाभ पहुंच रहा है। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी मनमोहन शर्मा ने बैठक में आए सभी गैर सरकारी एवं सरकारी सदस्यों का धन्यवाद किया।
