हमीरपुर कॉलेज में आया भूकंप

हमीरपुर। हमीरपुर कॉलेज में सायरन की आवाज आई और बचाव कार्य शुरू हो गया। दरअसल सायरन भूकंप से बचाव के लिए बजाया गया। एनडीआरएफ के जवानों ने प्राकृतिक आपदा की अवस्था में बचाव के तरीके बताए। हमीरपुर कॉलेज में प्राकृतिक आपदाएं, संवेदनशीलता, तैयारियां विषय पर राष्ट्रीय सेमीनार का आयोजन किया जा रहा है। सेमीनार के दूसरे दिन कॉलेज परिसर में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।
जैसे ही हमीरपुर कॉलेज में भूकंप आया, विशेष उपकरणों से लैस एनडीआरएफ टीम के जवानों ने भूकंप के कारण भवन में फंसे लोगों और घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने का कार्य किया। ऐसे समय में एहतियाती कदमों के बारे में भी बताया गया। तीन सत्रों में की गई मॉक ड्रिल में एनडीआरएफ ने आपदा के समय प्रयोग में आने वाले उपकरणों और घायलों को दी जाने वाली चिकित्सा पद्धति का भी प्रदर्शन किया गया। मॉक ड्रिल में कॉलेज के एनएसएस, एनसीसी, रोवर एवं रेंजर्स और संगोष्ठी में भाग ले रहे सभी प्रतिभागियों ने भाग लिया।
संगोष्ठी में शनिवार को प्रो. रीता शर्मा, प्रो. सुमन, प्रो. नीलम, कल्पना चड्ढा, आरएल धीमान, प्रो. शिशु बाला, प्रो. जीआर कटोच, प्रो. राकेश, प्रो. संगीता सिंह, डा. संजय ठाकुर, डा. वसुंधरा भारद्वाज, प्रो. नीलू कंवर, डा. हरदेव सिंह जम्वाल, जीसी राणा, प्रो. सपना राणा, प्रो. आरसी ठाकुर, डा. वैशाली जगोता ने शोध पत्र पढ़े। हमीरपुर के एसडीएम सतीश शर्मा संगोष्ठी में बतौर मुख्यातिथि उपस्थित रहे और उन्होंने एनडीआरएफ के साहसिक माूक ड्रिल का जायजा लिया। एसडीएम शर्मा ने महाविद्यालय परिवार की ओर से एनडीआरएफ के असिस्टेंट कमांडेंट गोविंद हयांकी और उनकी पूरी टीम को सम्मानित किया। हमीरपुर निवासी राकेश प्रेमी को भी सम्मानित किया। केदारनाथ में बादल फटने की घटना के दौरान प्रेमी ने मलबे से तीन शवों को निकाला था। कॉलेज प्राचार्य पीसी पटियाल ने एसडीएम हमीरपुर का परिसर में पहुंचने पर स्वागत किया।

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