
ऊना। जिला पुलिस के लिए अनसुलझे मर्डर केस परेशानी का सबब बन गए हैं। ऊपर से मांगे जा रहे जवाबों ने ऊना जिला पुलिस की दिक्कतें बढ़ा दी हैं। हाल ही में नलोह में हुए अश्वनी मर्डर केस से पुलिस पर्दा नहीं उठा सकी है। कातिल अभी तक पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। गठित एसआईटी भी अब खामोश है। ऐसे मे जनता में पुलिस के प्रति आक्रोश है।
कलरूही में 12 साल की बच्ची से रेप और मर्डर केस की परतें उधेड़ने में भी पुलिस नाकाम रही। जोह में ब्लैक कैट कमांडो मर्डर केस में भी पुलिस कातिलों तक न पहुंच सकी। पोलियांबीत के डेरे में महंत सिंगारा राम के कत्ल के बाद शव को बड़े संदूक में रजाइयों के ढेर के बीच छिपाया गया। इस मर्डर केस की जांच के दौरान पूछताछ से पहले ही नंगल संलागड़ी इलाके में साध्वी ने भी आत्महत्या कर दी थी। फिर केस स्टेट सीआईडी को सौंपा गया है। आईपीएस अधिकारी सतवंत अटवाल भी इस मामले को देख रही हैं। अभी तक इस मामले में किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंचा जा सका है। ऊना सदर थाना के अधीन हाल ही में तीन ब्लाइंड मर्डर हुए हैं। बसोली में युवती की लाश मिली थी। डंगोली में किशोर के मर्डर केस में भी पुलिस के हाथ खाली हैं। मलाहत के खेतों में भी कुछ दिन पहले युवक की खून से सनी लाश मिली। पास में ही खून से सना एक पत्थर भी पुलिस ने बरामद किया। इसे भी पुलिस ने मर्डर करार देते हुए हत्या का केस दर्ज किया। लोग यह भी कह रहे हैं कि खुले घूम रहे कातिल अन्य लोगों के लिए भी खतरा हैं। चोरी, लूटपाट, स्नेचिंग की दर्जनाअनसुलझी वारदातें अलग से हैं।
उधर, एसपी अनुपम शर्मा ने कहा कि पुलिस सभी मामलों में तह तक पहुंचने के प्रयास कर रही है। उन्होंने आम लोगों से भी पुलिस को सहयोग की अपील की है।
