भाषा अध्यापक खुद लगा रहे हिंदी की कक्षाएं

कुल्लू। शिक्षा की गुणवत्ता में निखार लाने के लिए शिक्षा विभाग ने मास्टर प्लान तैयार कर अध्यापकों को प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया है। अब गुरुजी को खुद हिंदी के स्तर में सुधार करने के लिए कक्षाएं लगानी होंगी। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान ने शिक्षा में गुणवत्ता लाने और मातृभाषा का ज्यादातर प्रयोग करने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है। जिला के एलटी अध्यापकों के लिए अध्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया गया है। इसके तहत 34 अध्यापक लर्निंग टीचिंग की ट्रेनिंग ले रहे हैं। इसकी पुष्टि राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के खंड समन्वयक एवं प्रधानाचार्य हेम राज शर्मा ने की है।
जिला कुल्लू में शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए अध्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत सभी विषय के अध्यापक पहले स्वयं उच्चतर शिक्षा का प्रशिक्षण लेंगे। उसके बाद अध्यापक स्कूलों में जाकर बच्चों को शिक्षा का मोल बताएंगे। इन दिनों जिला के 34 भाषा अध्यापक मातृ भाषा हिंदी में अधिक निखार लाने के लिए प्रशिक्षण ले रहे हैं। प्रशिक्षण हिंदी के सोर्स पर्सन की ओर से दिया जा रहा है। सोर्स पर्सन अध्यापकों को भाषा का मोल और इसे कैसे प्रभावशाली बनाना है, बच्चों के अंदर किस तरह मातृ भाषा के गुण डालने हैं इस पर प्रशिक्षण देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के खंड समन्वयक हेम राज शर्मा ने बताया कि स्कूलाें में हिंदी भाषा के मोल स्वरूप में कमी दर्ज की जा रही है। उन्होंने बताया कि स्कूलों में अधिक हिंदी भाषा का प्रयोग करने के लिए शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय माध्यमिक अभियान के तहत यह मुहिम छेड़ दी है। इसके तहत सभी विषय अध्यापकों को शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए अध्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत मास्टर प्लान तैयार किया गया है।

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