
अंब (ऊना)। जिले में एक के बाद एक हो रही वारदातों ने पुलिस को हाथ खड़े करने को मजबूर कर दिया है। आम जनता को सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली पुलिस लोगों से मदद मांग रही है। कभी ठीकरी पहरे की खिलाफत करने वाली पुलिस अब इसके पक्ष में उतर गई है। इसके लिए पुलिस ने पंचायतों से युवाओं के नाम मांगे हैं, जो ठीकरी पहरा देंगे।
उपमंडल अंब में हुए दो गोलीकांड एवं दूसरे क्षेत्रों में हो रही सनसनीखेज वारदातों से उपमंडल के लोग दहशत में है। अब क्षेत्र के हजारों लोग ठीकरी पहरों के बलबूते सुरक्षा पुख्ता करेंगे। इसके संदर्भ में कभी ठीकरी पहराें को अवैध करार देने वाले पुलिस प्रशासन ने भी खुद ग्राम पंचायताें के प्रतिनिनिधियों से मदद मांगी है। क्षेत्र में दो-दो गोलीकांडों को अंजाम दिया जा चुका है, लेकिन पुलिस प्रशासन अभी तक फ्लैग मार्च ही कर रहा है। पुलिस की ओर से इस संदर्भ में आरोपियों के स्केच तो जारी किए गए हैं, लेकिन आरोपियों की धरपकड़ के मामले में पुलिस के हाथ खाली हैं। सिलसिलेवार वारदातों के कारण क्षेत्र में दहशत का माहौल है। आम और खास आज जरूरी काम होने के बावजूद अकेला जाने से डर रहा है। दूसरी तरफ ठीकरी पहरे के लिए डीएसपी अंब मदन कौशल ने पंचायतों को भार सौंपा है। आम जनता के दिल से डर मिटाने के लिए फ्लैग मार्च भी किए गए, लेकिन लोगों के दिल से डर नहीं निकल पाया है।
गौंदपुर बनहेड़ा से रमेश कुमार, राजेंद्र सिंह, मुबारिकपुर से नवनीत कुमार, सोहन लाल, बाबू राम, लोहारा से अभय कुमार, संदीप सिंह, महेंद्र, बेहड़ जस्वां से राजू, विक्रम, सुरेंद्र, रिपोह मिसरां से कंवर दीप, रणजोध, रामकिशन का कहना है कि गोलीकांडों के बाद अब आम जनमानस सुनसान सड़क मार्गों से जाने में भी कतरा रहा है। पुलिस की टुकड़ी ने मुख्य मार्ग पर मार्च किया, लेकिन दूरदराज इलाके के लोगों में अभी भी उतना ही भय व्याप्त है। वारदातें होने के बावजूद ऊपरी क्षेत्र में पुलिस की कोई टीम नहीं भेजी गई है। इन मार्गों पर जल्द से जल्द पुलिस के जवानों की तैनाती होनी चाहिए। तभी लोगों के दिल से डर जाएगा। उधर, डीएसपी अंब मदन कौशल का कहना है कि क्षेत्र के लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। पुलिस हर समय उनकी सुरक्षा के लिए वचनबद्ध है, लोग चौकन्ने रहे, हर संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को देते रहे। उन्होंने कहा कि पंचायतों से युवाओं के नाम मांगे गए हैं।
