पुरानी वर्दी घिसी, नई नहीं मिली

ऊना। प्रदेश में शुरू की गई स्कूली वर्दी योजना को लेकर सरकारी संस्थानों के छात्र और शिक्षक असमंजस की स्थिति में हैं। एक साल बीतने के बाद अभी तक नौनिहालों को वर्दी की नई खेप जारी नहीं हो पाई है। पिछले साल विद्यार्थियों को दी गई वर्दियां घिसकर लगभग खत्म होने की कगार पर पहुंच चुकी हैं। सरकार ने इस योजना को आगे बढ़ाने के संदर्भ में कोई दिशा निर्देश नहीं दिए हैं और न ही इसे बंद करने के संदर्भ में कोई आदेश। जिले भर के स्कूलों के प्रभारियों में भी अब इस बात को लेकर असमंजस बना हुआ है।
स्कूलों में छात्रों की वर्दी को अनुशासन के अहम सूचक के रुप में माना जाता है। पिछले वर्ष जुलाई माह में सभी स्कूलों में वर्दी की खेप पहुंचा दी गई थी, लेकिन इस वर्ष सितंबर के अंत तक वर्दी मिलने के संदर्भ में कुछ भी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। ऐसे में न तो संस्थानों के प्रभारी अपने आधार पर छात्राें को वर्दियां सिलवाने के लिए निर्देश दे पा रहे हैं, न ही विभाग से पुरानी योजना को आगे बढ़ाने के संदर्भ में कोई दिशा निर्देश मिल पाया है, जिससे खेप का इंतजार किया जा सके। कोई भी प्रभारी खुल कर इस मामले पर बोल नहीं पा रहा है। मामले को उच्च शिक्षा उपनिदेशक आरसी टबयाल के समक्ष उठाए जाने पर उन्होंने बताया कि वर्दी योजना का मामला सरकार और विभाग के पास विचाराधीन है, योजना को बंद करने का कोई विचार नहीं है, जल्द ही स्कूलों में वर्दी की खेप पहुंचने की उम्मीद है।

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