
हमीरपुर। क्षेत्रीय अस्पताल में मरीजों को सस्ती दवाइयां मुहैया करवाने के स्वास्थ्य महकमे के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। अस्पताल परिसर में खोले गए जन औषधि केंद्र में आपातकाल की कोई दवाई न मिलने से रोगियों और उनके तीमारदारों को परेशानी से जूझना पड़ रहा है। हालांकि करीब एक माह पूर्व उपायुक्त ने अस्पताल के औचक निरीक्षण के दौरान जन औषधि केंद्र में दवाइयां उपलब्ध करवाने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन दवाइयां मुहैया नहीं करवा पाया है।
जन औषधि केंद्र में करीब 300 विभिन्न दवाइयां होनी जरूरी हैं, लेकिन वर्तमान में इस जन औषधि केंद्र में करीब 60 प्रकार की दवाइयां ही उपलब्ध हैं। जीवन रक्षक, अस्थमा और बच्चों की कोई भी दवाई उपलब्ध नहीं है। हालांकि इस मौसम में क्षेत्रीय अस्पताल में वायरल फीवर के रोगियों की तादाद में बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन केंद्र में वायरल फीवर की कोई भी दवाई उपलब्ध नहीं है। मरीजों में वंदना कुमार, देशराज, सुभाष, नरेंद्र कुमार और सुनील कुमार का कहना है कि जन औषधि केंद्र में दवाइयां उपलब्ध न होने से मरीजों को बाजार से महंगे दामों में दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। इस संबंध में एसएमओ डा. केसी चोपड़ा का कहना है कि जन औषधि केंद्र में दवाइयां मुहैया करवाने के लिए ऑर्डर कर दिए गए हैं। जल्द ही दवाइयां पहुंचने की उम्मीद है।
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ये दवाईयां नहीं हैं जन औषधि केंद्र में
बच्चों की दवाइयाें में माक्सीग्लेब सिरप और टेबलट्स, अस्थमा दवाइयों में लेवोलाइन, गॉडीकॉट, जीवन रक्षक दवाइयों में डोपोमाइन, स्केपटोकाइनेट, एआरवी, एवेल, फिनार्गन, जीवन रक्षक दवाइयों में एगिथोनीसाइन, साइप्रो प्रोक्सीन, नेक्सफ्लोसिन आदि दवाइयां जन औषधि केंद्र में उपलब्ध नहीं हैं
