मारपीट के बाद 3 जगह फायरिंग

अंब (ऊना)। अंब में सरेराह सड़क पर युवक की गोली मार कर हत्‍या के चंद घंटे बाद ही साथ्‍ा लगते गांव में मारपीट के बाद फायरिंग की वारदात हुई है। सूरी से मझार जा रहे एक युवक की अज्ञात लोगों ने जमकर पिटाई करने के बाद हवा में फायरिंग की। गुंडागर्दी का आलम यह रहा कि आरोपियों ने एक नहीं तीन जगह गोलियां दागीं। वारदात के बाद सहमे ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने पूरे गांव की घेराबंदी कर दी है। हालांकि खबर लिखे जाने तक आरोपियों का कोई अता-पता नहीं चल सका था।
एसपी अनुपम शर्मा ने बताया कि मझार गांव निवासी चेतन पुत्र शमशेर सिंह रविवार देर रात सूरी से मझार जा रहा था कि अचानक रास्ते में दो अज्ञात लोगों ने उसका रास्ता रोककर उसको बुरी तरह पीट डाला। जब युवक उनके चंगुल से बचकर कर गांव की ओर भागा तो बदमाशों ने उसका पीछा कर पीछे से फायरिंग कर दी। इसी दौरान दो अलग-अलग जगहों पर भी फायरिंग की गई। हालांकि, इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। एसपी ने कहा कि पुलिस ने गांव में घेरा डालने के लिए और पुलिस बुला ली है।
उधर, रपोह मिसरां में रविवार को युवक की हत्‍या के बाद अंदौरा गांव के सैकड़ों लोगों ने अंब में चंडीगढ़-धर्मशाला नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान गुस्साए लोगों ने पुलिस प्रशासन एवं प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। जाम के बाद दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिसमें हजारों लोग सड़क पर फंसे रहे। गुस्साए लोगों का आरोप है कि इस तरह की वारदातों के पेश आने से जिले में कोई भी सुरक्षित नहीं है। लोगों के सड़क जाम करने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर लोगों को समझाने बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लोगों का इससे गुस्सा शांत नहीं हुआ है। मामले की सूचना मिलते ही एसपी अनुपम शर्मा, एसडीएम अंब सुखदेव और डीएसपी मदन लाल कौशल भी घटनास्थल पर पहुंच गए, लेकिन लोग उपायुक्त के मौके पर आने की मांग को लेकर अड़े रहे। अज्ञात नकाबपोशों की ओर से अंजाम की दी जा रही खूनी वारदातों के चलते जिले के हजारों लोगों में गुस्सा भड़क उठा है। इससे पूर्व 13 सितंबर को भी ज्वार क्षेत्र में हुए गोलीकांड में पुलिस के खाली हाथ होने और रविवार को हुए घटनाक्रम के बाद भी पुलिस की ओर से अंधेरे में तीर छोड़ने से लोग भड़क उठे हैं। दोनों मामलों में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिए हैं, लेकिन इन वारदातों को अंजाम देने के पीछे किसका हाथ है, इस संदर्भ में पुलिस किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। हालांकि पुलिस अभी तक इस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है कि वारदात को अंजाम देने के पीछे नकाबपोश युवकों का क्या मकसद था? पिछली वारदात में प्रयोग की गई बाइक का नंबर पंजाब से संबंधित था, जबकि रविवार को हुई वारदात में प्रयोग की गई बाइक का नंबर हिमाचल से संबंधित बताया जा रहा है। हालांकि दोनों बाइकों के नंबर स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। उधर, पुलिस अधीक्षक अनुपम शर्मा ने बताया कि लोगों को समझाने का प्रयास जारी है। अज्ञात हमलावरों की तलाश पूरी सरगर्मी से शुरू कर दी है। जिले के सीमाओं को सील कर दिया गया है। उधर, अप्पर अंदौरा के पंचायत प्रधान नरेंद्र सिंह राणा, गांववासी विजय कुमार, अजीत, वीरेंद्र कुमार, अवतार सिंह, सुनील कुमार, रवि, नीतिश आदि ने बताया कि मृतक अश्वनी कुमार दो दिन पहले ही कोलकाता से अपने घर अंदौरा आया था। अश्वनी जब भी घर आता था तो अपने रिश्तेदारों और अन्य ग्रामीणों के घर जाकर उनका हालचाल पूछता था।

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