पैरा अध्यापकों को मिले स्थायी नियुक्ति

सुरंगानी (चंबा)। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ की राज्य कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मसरूंड में हुई। बैठक की अध्यक्षता अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षणिक महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री महिंद्र क पूर ने की। इस मौके पर महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव जगदीश चौहान विशेष रूप से मौजूद रहे। दो दिन तक चली इस बैठक में विभिन्न मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया। इस दौरान सरकारी स्कूलों में घट रही विद्यार्थियों की संख्या और अवकाश शेड्यूल पर चर्चा की गई। इसके अलावा तीन साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद डीपीई को ग्रेड-पे और एलए को एक मुश्त छूट देकर क्लर्क बनाने की सरकार से मांग की गई। महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री महिंद्र क पूर ने कहा कि पैरा अध्यापकों को जल्द स्थायी नियुक्ति दी जाए। उन्होंने मांग की है कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या 100 से अधिक है, उन स्कूलों को स्तरोन्नत कर उच्च विद्यालय बनाया जाए तथा मुख्य अध्यापक के पदों को सृजित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्तर से माध्यमिक स्तर तक विद्यार्थियों के लिए खेलकूद गतिविधियां आयोजित करने के लिए बजट का प्रावधान किया जाए। जो विद्यालय बैकवर्ड एरिया सब प्लान के तहत नहीं आते हैं उन स्कूलों में खेलों के सामान की व्यवस्था की जाए। प्रदेश में 22 पुराने सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में डीपीई के पदों को सृजित किया जाए। इसमें जिला चंबा के सुंडला, कियाणी, तीसा और किलाड़ शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस बैठक के आठ जिलों से 50 अध्यापकों ने हिस्सा लिया। इसमें राज्य कार्यकारिणी के अध्यक्ष पवन मिश्रा, महामंत्री रजनीश चौधरी, उपाध्यक्ष वीरेंद्र चड्ढा, संगठन मंत्री जसबीर चंदेल, कोषाध्यक्ष अनिल सूद, मंडी जिला के प्रधान दर्शन लाल, ऊना के प्रधान सुधीर गौतम और जिला चंबा के समस्त कार्यकारिणी सदस्यों ने हिस्सा लिया।

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