
मैहतपुर/ऊना। ऊना में रविवार देर शाम को आए तेज तूफान ने खेतों में खड़ी मक्की की 90 फीसदी फसल तबाह कर दी। इससे किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। किसानों ने प्रदेश सरकार से तबाह हुई मक्की की फसल और उनके आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की मांग उठाई है।
तेज तूफान ने जिला भर में जो तबाही मचाई है। उससे किसानों का लाखों का नुकसान हो गया है। कुदरत के इस कहर के आगे बेबस किसानों का कहना है कि जिस प्रकार ऊपरी हिमाचल के किसानों एवं बागवानों को उनकी सेब तथा संतरे की फसल के तबाह होने पर सरकार मुआवजा देती है, ठीक उसी प्रकार निचले हिमाचल में हुई मक्की की फसल की तबाही के बाद यहां के किसानों को भी प्रदेश सरकार मुआवजा राशि जारी करने का जल्द एलान करे ताकि आर्थ्क तंगी में गुजर बसर कर रहे किसानों को उनकी मेहनत का कुछ मूल्य वापस मिल सके। क्षेत्र के किसानों हुसन लाल, तेलूराम, मदनलाल, सुरेंद्र सिंह, गुजारा सिंह, शिगारा सिंह, कुलदीप सिंह, हरजीत सिंह, प्रकाश चंद, शाम कुमार, संजीव कुमार तथा अनंत राम ने कहा कि उनके खेतों में खड़ी मक्की की फसल पूरी तरह से तबाह हो गई है। रविवार को आए तेज तूफान ने अच्छी फसल की उम्मीद लगाए बैठे किसानों की कमर तोड़ दी है। तेज आंधी की वजह से रविवार को बिजली गुल हो गई, जिससे विद्युत उपमंडल मैहतपुर के दर्जनों गांव देर रात तक अंधेरे में डूबे रहे। मेन लाइनों में पेड़ गिरने से विद्युत सप्लाई करीब पांच घंटे ठप रही। विद्युत कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद रात 11 बजे विद्युत सप्लाई बहाल की, लेकिन मैहतपुर विद्युत उपकेंद्र के अधीन पड़ते कुछ गांवों की विद्युत सप्लाई बंद रही। गांव देहलां में विद्युत की मेन लाइन, अजौली फीडर के छत्रपुर गांव में, चड़तगढ़ तथा गांव जखेड़ा से हंडोला की ओर जाने वाली विद्युत की मेन लाइनों पर तेज आंधी से पेड़ टूट कर गिर गए थे। गांव चताड़ा में आधा दर्जन विद्युत पोल टूट गए हैं। ज्यादातर विद्युत की एचसी, एलटी लाइने टूटने से क्षेत्र की बिजली पर बुरा प्रभाव पड़ा। सोमवार को विद्युत कर्मचारी सुबह से शाम तक मरम्मत कार्य में जुटे रहे। एसडीओ सुरेंद्र कालिया ने कहा कि रविवार सायं तेज आंधी के कारण बिजली की मेन लाइनों पर जगह-जगह पेड़ गिरने से क्षेत्र की बिजली ठप हुई थी।
