
ऊना। क्रैशर मालिकों को अब खनन विभाग नए एम फार्म बांटेगा। सोमवार को ऊना में खनन विभाग के पास नए एम फार्म की खेप पहुंच गई। नए फार्म की कापियां तीन रंगों में प्रकाशित की गई हैं। इनमें पहले नंबर पर पीले रंग, दूसरे नंबर पर लाइट ग्रीन और तीसरे नंबर पर सफेद रंग के कागज का इस्तेमाल किया गया है। इन नए फार्मों पर हिमाचल प्रदेश सरकार का लोगो भी अंकित है। विभाग का दावा है कि नए एम फार्म से अवैध खनन पर अंकुश लगेगा। इसके बाद वारकोडेड एम फार्म शुरू करने की भी योजना है। विभाग की ही जांच में पूर्व में यह खुलासा हुआ है कि एम फार्म की एक प्रति पर ही माफिया अवैध रेत और बजरी के कई ट्रक दूसरे राज्यों को भेजता रहा। माफिया ने उसी सिरीज के फर्जी एम फार्म छपवाकर भी अवैध रेत बजरी की खेप इधर से उधर कर डाली। एम फार्म की महज चैकिंग ही होती थी, लेकिन इसका रास्ते में कहीं कोई रिकार्ड दर्ज नहीं किया जाता रहा। इस तरह के फर्जीवाड़े पर नकेल कसने के मकसद से राज्य सरकार ने नए रंगीन एम फार्म जारी किए हैं। ऊना के जिला खनन अधिकारी परमजीत सिंह ने नए एम फार्म आने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि क्रैशर मालिकों को यह नए एम फार्म की कापियां जारी की जा रही हैं। यह एम फार्म सरकारी आदेशों पर छपने के बाद ही ऊना पहुंचे हैं। खड्डों की लीज आदि होने की स्थिति में लीज धारकों के लिए अन्य रंगों के एम फार्म जारी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में वारकोडेड एम फार्म भी आ सकते हैं।
ऐसे होगी व्यवस्था
क्रैशर मालिक रेत और बजरी से भरी गाड़ी लोड करवाने के बाद पीले रंग और लाइट ग्रीन रंग के भरे हुए एम फार्म गाड़ी के चालक को देंगे। सफेद रंग का फार्म क्रैशर प्लांट के रिकार्ड में रहेगा। जांच के लिए रोके जाने पर वाहन चालक एक एम फार्म की प्रति जांच अधिकारियों को भी दे सकता है।
क्या रुक पाएगा गोरखधंधा
बसपा के जिला उपाध्यक्ष शैलेष दुबे और आरोग्य भारती के प्रांत प्रचार प्रसार के प्रमुख आशुतोष शर्मा ने बताया कि रंगीन एम फार्म से भी अवैध खनन का गोरखधंधा नहीं थमेगा। जिस तरह खनन माफिया पहले भी फर्जी एम फार्म छपवाते रहे, उसी तरह नए रंगीन एम फार्म की कापियां भी फर्जी छापी जा सकती हैं। क्रैशर मालिक यह प्रतियां खड्डों से अवैध रेत निकालने वालों को भी दे सकते हैं। इस तरह की गतिविधियों पर वारकोडेड एम फार्म से ही पूर्ण प्रतिबंध लग सकता है।
