रात के अंधेरे में किसके सहारे छोड़ दिए नौनिहाल

नादौन (हमीरपुर)। क्षेत्र के कूहना में प्राथमिक स्कूलों की खंड स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता के बाद देर रात बच्चों का घर पहुंचना चर्चा का विषय बन गया है। अभिभावकों में भी रोष है। अध्यापकों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। अभिभावकों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि कूहना से बच्चे बस में सवार होकर संबंधित अध्यापक के साथ शांतला तक 12 किलोमीटर चले आए। शांतला आकर बच्चे पैदल करीब चार किलोमीटर दूर घर की ओर निकले। बीच रास्ते में तेज बारिश से इंचार्ज अध्यापक तो वर्षाशालिका में रुक गए लेकिन बच्चे आगे बढ़ते रहे। बच्चों को रुकने के लिए किसी ने नहीं कहा। इसी दौरान एक ट्राला आया और चालक ने बच्चों को इसमें बैठा दिया। रात करीब नौ बजे बच्चों को बडवार गांव में चालक ने उतार दिया। बच्चों को खड्ड पार कर, जंगली रास्ते से गुजरकर घर पहुंचना था। बडवार गांव के एक व्यक्ति की नजर इस दौरान बच्चों पर पड़ी। उसने बच्चों के अभिभावकों से संपर्क साधना शुरू किया। इसके बाद बच्चों के अभिभावक आए और बच्चों को घर लेकर गए।
बारिश रुकने के बाद अध्यापकों ने बच्चों की तलाश शुरू की। अध्यापक रमेश राणा ने बताया कि बडवार गांव के निकट पहुंचे तो संपर्क करने पर पता चला कि बच्चों के अभिभावक बच्चों को ले जा चुके हैं। शिक्षा खंड रक्कड़ के खंड शिक्षा अधिकारी जगदीश चंद ने बताया कि 300 के करीब बच्चे खेलकूद प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं। निकटवर्ती गांवों के बच्चों को प्रतियोगिता समाप्त होने पर घर भेज दिया जाता है। रास्ते में बारिश के कारण समस्या हुई थी।

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