
शिमला। राजधानी के प्रतिबंधित मालरोड पर गाड़ियां दौड़ाने पर केंद्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल ने हिमाचल सरकार को नोटिस भेजा है। ग्रीन ट्रिब्यूनल ने पूछा है कि प्रतिबंधित होने के बावजूद मालरोड पर गाड़ियों क्यों भेजी जा रही हैं? ट्रिब्यूनल ने एचआरटीसी की टैक्सियों को डीसी ऑफिस और शिमला क्लब तक मंजूरी देने पर भी सवाल उठाए हैं। वीआईपी काफिले को मालरोड से गुजारने पर भी जवाब तलब किया गया है।
केंद्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल ने पिछले महीने शिमला आकर कोर्ट लगाया था। माना जा रहा है कि उसी दौरे के दौरान ट्रिब्यूनल ने यह व्यवस्था देखी और यह कार्रवाई की। ट्रिब्यूनल का नोटिस मुख्य सचिव सुदृप्त राय को मिला है। मुख्य सचिव ने बताया कि ट्रिब्यूनल ने जो आपत्तियां जताई हैं, उनका जवाब भेजा जा रहा है। राज्य सरकार मालरोड पर सामान्य परिस्थितियों में वाहनों की अनुमति नहीं देती है। एचआरटीसी की टैक्सियां भी उन बुजुर्गों के लिए हैं, जो मालरोड आना चाहते हैं, लेकिन इतना चल नहीं सकते। ट्रिब्यूनल सोमवार से दोबारा शिमला आ रहा है। दो-तीन दिन ट्रिब्यूनल का दल शिमला में होगा और इस दौरान विभिन्न मामलों की सुनवाई भी ग्रीन ट्रिब्यूनल कर सकता है।
