और एचपीएमसी की हो गई बल्ले-बल्ले

कुल्लू। प्रदेश में सेब के रिकार्ड उत्पादन से बागवानों की आर्थिक स्थिति इस बार काफी सुदृढ़ हुई है। स्थानीय सब्जी मंडियों में भी बागवानों ने रिकार्ड सेब बेचने को लाया है। एचपीएमसी केे खरीद केंद्रों में भी रिकार्ड सेब पहुंचा। गत साल की तुलना में इस साल चार गुणा अधिक सेब एचपीएमसी के सेंटरों में पहुंचा है। बीते साल बागवानों ने मात्र 250 टन सेब लाया था। इस साल 900 टन तक सेब मंडियों में अब तक पहुंच चुका है। सेब का आना अभी जारी है।
एचपीएमसी प्रबंधकों को इस बार रिकार्ड 11 से 1200 टन सेब पहुंचने की उम्मीद है। एचपीएमसी बागवानों से 6.50 रुपये प्रति किलो के हिसाब से सेब खरीद रही है। कुल्लू जोन के चार सेंटर भुंतर, पतलीकूहल, मंडी के करसोग स्थित चिंडी और चेलचौक में रिकार्ड सेब पहुंचा है। सबसे अधिक सेब चिंडी सेंटर के छह सेब खरीद केंद्रों करीब 400 टन सेब पहुंचा है। इसके अलावा एचपीएमसी ने चैलचौक में तीन, पतलीकूहल के 4 तथा भुंतर के 15 सेब खरीद केंद्र खोल रखे हैं। सेब की बंपर पैदावारी का असर एचपीएमसी के सेंटरों में देखने को मिल रहा है। कुल्लू जोन के क्षेत्रीय प्रबंधक सुभाष राणा ने इसकी पुष्टि की है। 2012 में कुल्लू जोन में कुल 250 टन सेब पहुंचा था जबकि अभी तक करीब 900 टन सेब पहुंच गया है। इस बार एचपीएमसी के कुल्लू जोन में 1100 से 1200 टन सेब पहुंचने की उम्मीद है।
जड़ौल भेजा जाएगा सेब
कुल्लू जोन के क्षेत्रीय प्रबंधक सुभाष राणा ने कहा कि जूस के लिए सेब को सुंदरनगर स्थित जड़ौल जूस प्लांट के लिए भेजा है। सेब खरीद केंद्र में आ रहे रिकार्ड सेब से प्रबंधक वर्ग में खुशी की लहर है।

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