
चंडीगढ़: पंजाब सरकार अपनी गाड़ियों में पेट्रोल और डीजल चंडीगढ़ के पेट्रोल पंपों से भरवाती है। इससे सरकार को दोहरा नुकसान हो रहा है। चंडीगढ़ में तेल डलवा कर पंजाब सरकार जिस वैट का भुगतान करती है, वह पैसा केंद्र के खजाने में जाता है। अगर पंजाब सरकार पंजाब से तेल डलवाती है तो टैक्स उसके खाते में जाता है। गौरतलब है कि पंजाब में पेट्रोल पर 30 और डीजल पर 9.8 फीसदी वैट है, जबकि चंडीगढ़ में पेट्रोल पर 22 और डीजल पर 12.5 फीसदी वैट है।
पंजाब सरकार की अधिकांश गाड़ियां डीजल की हैं और चंडीगढ़ में डीजल पर वैट की दर पंजाब से अधिक है, इसलिए सरकार को पैसे भी ज्यादा देने पड़ते हैं यानी पंजाब सरकार की गाड़ियों को चंडीगढ़ से डीजल भरवाना महंगा पड़ रहा हैं। अगर सरकार यही डीजल पंजाब से ले तो न सिर्फ सरकारी गाड़ियों में सस्ता डीजल पड़ेगा, बल्कि वैट भी सरकार के ही खजाने में आएगा। माना जाता है कि पंजाब सरकार एक साल में चंडीगढ़ से करीब एक करोड़ रुपये का तेल खरीदती है।
पंजाब सरकार की गाड़ियों को सिटको ने तेल देना बंद कर दिया है। क्योंकि पंजाब सरकार गाड़ियों में भरवाए जाने वाले तेल का भुगतान समय पर नहीं कर पा रही है। जानकारी के अनुसार सभी विभागों का 50 लाख से ऊपर का भुगतान पेडिंग है। सिटको सिर्फ उन्हीं विभागों की गाड़ियों को तेल दे रहा जिनकी पेमेंट जमा हो चुकी है।
