
पलचान (कुल्लू)। 1995 की भयंकर बाढ़ में बहे 17 मील पुल का निर्माण कार्य 18 सालों के बाद भी सिरे नहीं चढ़ पाया है। यहां बने झूला पुल से जान जोखिम में डालकर क्षेत्र के लोग ब्यास नदी को लांघने पर मजबूर हैं। रोजाना इस झूला पुल से आने वाले स्कूली और कॉलेज के बच्चों को परेशानी झेलनी पड़ती है। गत दिन इस झूला पुल को पार करते समय एक व्यक्ति नदी में जा गिरा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई है। मृत व्यक्ति की पहचान जहांगीरपुर दिल्ली निवासी रणछोर के रूप में हुई है। इससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। प्रदेश में आने-आने वाली सरकारों के प्रति लोगों में रोष है। गत वर्ष भी इस झूले पुल से अनाथ आश्रम के एक छात्र की मौत हो गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि इसके बाद भी जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार पुल निर्माण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही।
ग्रामीण लाल चंद, खुशहाल सिंह, उत्तम चंद, कालू राम और देश राज ने कहा कि 1995 में 17 मील का पुल भयंकर बाढ़ की भेंट चढ़ गया था। इसके बाद क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को झूले पुल से ब्यास नदी को आरपार करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सरकार और जिला प्रशासन को धमकी दी कि अगर जल्द इस पुल के निर्माण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए तो क्षेत्र के ग्रामीण सड़कों पर उतरेंगे।
