
लुधियाना: 3 साल की बच्ची के अपहरण के मामले में रेलवे पुलिस ने रिजर्व रेलवे फोर्स के ए.एस.आई. मनोहर लाल, महिला कांस्टेबल सुरजीत कौर व एक अज्ञात महिला के विरुद्ध मामला दर्ज किया है। यह मामला उच्चाधिकारियों के आदेशों के बाद दर्ज किया गया है।
मामला इसी वर्ष जनवरी माह का है। तमाम कोशिशों के बाद जब बच्ची लक्ष्मी बाई की दादी उर्मिला नट को पुलिस से कोई इंसाफ नहीं मिला तो उसने सिटीजन वैल्फेयर इंडिया के आर्गेनाइजर सुमित विज से मदद मांगी। इसके बाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। पुलिस के अनुसार 50 वर्षीय उर्मिला खन्ना के अम्बेदकर नगर की रहने वाली है। 29 जनवरी को अपनी 2 पोतियों 3 साल की लक्ष्मी बाई व 7 साल की छोटी बाई को साथ लेकर मुल्लांपुर से खन्ना जा रही थी।
बद्दोवाल के निकट ट्रेन में उसके पास सादे कपड़ों में एक महिला आई। जो खुद को आर.पी.एफ. की कांस्टेबल बताकर उससे गाली-गलौच करते हुए कहने लगी कि वह ट्रेन में बच्चों से भीख मंगवाती है। जिसने उसकी गोद में उठाई हुई लक्ष्मी को उससे छीन लिया। दोपहर करीब 3 बजे जब ट्रेन लुधियाना के रेलवे प्लेटफार्म 5 पर पहुंची तो वह महिला उसे पकड़ कर प्लेट फार्म नं. 1 स्थित आर.पी.एफ. चौकी ले आई। जहां ए.एस.आई. मनोहर लाल, महिला कांस्टेबल सुरजीत कौर के अलावा एक अन्य महिला कांस्टेबल भी थी।
उक्त महिला के कहने पर उक्त मुलाजिमों ने उसे व उसकी बड़ी पोती छोटी बाई को जबरदस्ती एक कमरे में बंद कर दिया, जबकि वह उनकी मिन्नतें करती रही कि उस महिला के पास उसकी छोटी पोती है, जिसे उसे दिलवाया जाए, लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनी। करीब 20 मिनट बाद उसे व उसकी पोती को छोड़ दिया गया, लेकिन उसकी छोटी पोती नहीं दी गई।
जब उसने मुलाजिमों से अपनी पोती बाबत पूछा तो सुरजीत कौर ने उसको पीट दिया और कहा कि वह खुद रेलवे प्लेटफार्म पर जाकर अपनी पोती को ढूंढ लें। इसके बाद उर्मिला ने इस संबंध में आर.पी.एफ. के कमांडर इंस्पैक्टर जसवंत सिंह को भी इसकी शिकायत की, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
