
सुजानपुर (हमीरपुर)। ऐतिहासिक चौगान में अवैध कब्जों को लेकर पत्र बम के पश्चात राजस्व विभाग हरकत में आ गया है। विभाग ने कार्रवाई तो की मगर रसूखदारों को कार्रवाई से बाहर कर दिया है। हालांकि उम्मीद थी कि सभी को एक निगाह से देखा जाएगा लेकिन विभाग की निगाहें तिरछी हो गई हैं। सत्ता तक पहुंच रखने वाले रसूखदारों के अवैध कब्जों को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अन्य लोगों के खिलाफ अवैध कब्जे की मिसलें तैयार हो गई हैं। रसूखदारों को छोड़ अन्य मामले पहले क्यों लिए गए, सभी की रिपोर्ट एक साथ तैयार क्यों नहीं की गई। राजस्व विभाग सभी के खिलाफ एक समान कार्रवाई करेगा या सत्ता तक पहुंच रखने वाले फिर लाभ उठाकर बच निकलेंगे। ये कुछ सवाल हैं जो लोगों में चर्चा का विषय बनते जा रहे हैं।
चौगान में अवैध कब्जों को लेकर तहसील कार्यालय को निरंतर पत्र मिल रहे थे, जिसमें संबंधित व्यक्तियों के नाम सहित कब्जों का उल्लेख किया था। इसके पश्चात राजस्व विभाग भी हरकत में आया और मामलों की सत्यता जांचने के लिए पटवारी, कानूनगो को निर्देश दिए। चार कब्जाधारकों के खिलाफ पैमाइश व अन्य प्रक्रिया पूरी कर मिसलें तैयार हो गई हैं, जबकि अन्य दो मामलों में फिलहाल पैमाइश का कार्य भी नहीं हो पाया है। अब इसे रसूख और सत्ता तक पहुंच का असर न कहें तो क्या है? कर्मचारियों से पूछें तो दो चरणों में प्रक्रिया को पूरा करने का तर्क दे रहे हैं। ऐसा नहीं है कि कब्जे हाल ही में हुए हों, अवैध कब्जे बरसों से चले आ रहे हैं पर, कार्रवाई नहीं हुई।
क्या कहा अधिकारियों ने…
तहसीलदार सुजानपुर राजीव ठाकुर का कहना है कि पटवारी-कानूनगो को तथ्य एकत्रित करने के लिए मौके पर भेजा गया। कानूनगो प्रभात पठानिया का कहना है कि फिलहाल विभागीय कार्य की व्यस्तता के चलते बाहर हैं। शेष मामलों में मौके पर जाकर जल्द ही तथ्य जुटाकर रिपोर्ट दे दी जाएगी।
