अब बारात में 100 से ज्यादा लोग तो भरना पड़ेगा जुर्माना !

चंडीगढ़: आज जबकि देश भारी महंगाई और आर्थिक संकट से ग्रस्त है तथा विवाह-शादियों पर होने वाले खर्च से लड़की वालों पर भारी बोझ पड़ रहा है, इस गलत रुझान को रोकने तथा लड़की वालों को फिजूल खर्च से बचाने की दिशा में हरियाणा के भिवानी जिले के 12 गांवों की एक खाप पंचायत ने कदमा गांव में अपनी पंचायत में सराहनीय फैसले किए हैं।

पूर्व सैनिक तथा 3 बार गांव के सरपंच रह चुके पूर्व सरपंच रण सिंह के नेतृत्व में हुई बैठक में पंचायत ने शादी की पार्टियों में वधू पक्ष के स्थानीय लोगों को भोजन देने पर प्रतिबंध लगा दिया है। सिर्फ वर पक्ष के लोगों को ही भोजन दिया जाएगा। 1000 लोगों की सभा में फैसला किया गया कि शादी पर दुल्हन पक्ष के लोगों को भोजन खिलाने पर लड़की के माता-पिता पर भारी आर्थिक बोझ पड़ जाता है।

एक वक्ता ने कहा कि कभी-कभी तो बारात के आने से पहले ही गांव वाले सारा भोजन हड़प कर जाते हैं जिससे दुल्हन के माता-पिता के लिए परेशानी खड़ी हो जाती है। इस निर्णय से गरीब किसान बेटियों की शादी के लिए ऋण लेने की समस्या से भी बच सकेंगे।पंचायत ने वर पक्ष द्वारा 100 से ज्यादा लोगों की बारात न ले जाने व शादी पर डी.जे. न बजाने के निर्णय के अलावा परिवार के किसी बुजुर्ग सदस्य की मृत्यु पर ‘काज’ संस्कार न करने का भी निर्णय करते हुए कहा कि किसी बुजुर्ग की मृत्यु पर गांव वालों को मिठाइयां और दूसरी चीजें खिलाने का कोई तुक नहीं है।

इन फैसलों का उल्लंघन करने वालों को 11,000 रुपए जुर्माना करने का भी सर्वसम्मति से निर्णय किया गया है। विशेष रूप से गरीब कन्या पक्ष को अनावश्यक खर्च से बचाने के लिए खाप पंचायत का उक्त फैसला प्रशंसनीय है जबकि इससे पहले चंद खाप पंचायतें उल्टे-सीधे निर्णय लेने के लिए चर्चित रही हैं।

Related posts